पुनित चपलोत
भीलवाड़ा // नगर निगम में निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होते ही शहर की फिजा बदलने लगी है। प्रशासन ने अब शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कमर कस ली है, जिसका असर सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। सोमवार को सूचना केंद्र से लेकर भोपाल क्लब तक नगर निगम के ‘पीले पंजे’ (जेसीबी) ने ऐसी धमक दिखाई कि वर्षों से जमे अतिक्रमण ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
*दुकानदारों में हड़कंप, खुद हटाने लगे टीन-टप्पर*
सोमवार सुबह जब निगम का दस्ता लाव-लश्कर के साथ सूचना केंद्र पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। सड़क किनारे अवैध रूप से रखे लोहे के बक्से, कोठियां और पेटियां, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई थीं, उन्हें जेसीबी ने देखते ही देखते कबाड़ में तब्दील कर दिया। निगम की इस सख्त कार्रवाई को देखकर फ्रेंड्स मेडिकल से लेकर भोपाल क्लब तक के दुकानदारों ने आनन-फानन में अपने अवैध टीन-टप्पर और बाहर निकला सामान खुद ही हटाना शुरू कर दिया। इससे पूर्व प्रधान डाकघर के निकट दुकानदारों द्वारा नालियों पर किया अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया जिससे वहां पूरा चौक खाली हो गया। यहां दुकानदारों के अलावा हाथ ठेले वालों का भी कब्जा था। बाद में यह दस्ता सूचना केन्द्र पहुंचा।
*आजाद चौक की बदली सूरत*
जिला कलेक्टर एवं निगम प्रशासक जसमीत सिंह संधू के पदभार संभालते ही अतिक्रमणकारियों पर शिकंजा कसा गया है। सबसे बड़ी सफलता आजाद चौक में देखने को मिली है। जिस चौक में दुपहिया वाहन निकलना दूभर था, वहां अब कारें आसानी से गुजर रही हैं। सड़क के दोनों ओर दुकानदारों के बाहर लगने वाले हाथ-ठेलों को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे मार्ग अब काफी चौड़ा और व्यवस्थित नजर आ रहा है।
*जनता ने किया कटाक्षः ‘जो काम बोर्ड न कर सका, वो प्रशासक ने कर दिखाया’*
शहर में हो रही इस कार्रवाई को लेकर आमजन में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि पांच साल तक सत्ता में रहे जनप्रतिनिधियों ने केवल दिखावे की कार्रवाई की, जिससे शहर की सुंदरता पर कालिख पुत रही थी। स्थानीय नागरिकों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें शहर की व्यवस्था सुधारने के लिए चुना गया था, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। वहीं, प्रशासक के आते ही जिस गति से सफाई और अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है, वह काबिले तारीफ है।
*आगे भी जारी रहेगी सख्ती*
निगम सूत्रों के अनुसार, सूचना केंद्र सर्किल के पास फुटपाथ पर दुकान सजाने वालों को अंतिम अल्टीमेटम दे दिया गया है। किसी भी समय वहां पीला पंजा चल सकता है। अतिक्रमण निरोधक दस्ते के प्रभारी संजय खोखर और जोरावर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद हैं। प्रशासन का साफ संदेश है कि अब शहर की सड़कों पर फिर से अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
