भीलवाड़ा। राजस्थान के स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही अब भीलवाड़ा नगर निगम सहित प्रदेश की तमाम नगर निगम, परिषदों और नगर पालिकाओं में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी आदेशों के बाद निर्वाचित बोर्ड भंग हो गए हैं और निकायों की कमान अब सीधे तौर पर सरकारी अधिकारियों के हाथों में आ गई है। नियमों के मुताबिक, जब तक आगामी निकाय चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक जिला कलेक्टर या उनके द्वारा नामित अधिकारी (जैसे उपखंड अधिकारी) ही निकायों के कामकाज का संचालन करेंगे।
भीलवाड़ा जिले की बात करें तो नगर निगम के साथ-साथ जिले की सभी नगर पालिकाओं में भी अब पार्षदों और अध्यक्षों की जगह प्रशासक ही विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों के लिए अधिकृत होंगे। कार्यकाल पूरा होने के कारण प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस बदलाव के बाद अब आम जनता को पट्टा जारी करने, सफाई व्यवस्था और निर्माण अनुमति जैसे स्थानीय कार्यों के लिए सीधे अधिकारियों और प्रशासक कार्यालय से संपर्क करना होगा।













