रायपुर । सरकारी तंत्र राष्ट्रीय पर्व को लेकर कितना गंभीर है, इसका उदाहरण गणतंत्र दिवस पर देखने को मिला। रायपुर के उपकोष कार्यालय सरकारी कार्यालयों के भवनों एवं रायपुर के सरकारी गैर सरकारी बैंकों पर राष्ट्र ध्वज नहीं फहराया गया। इसे लेकर सरकारी कर्मचारियों की उदासीनता स्पष्ट नजर आई। रायपुर में स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एवं राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा में जहां कोई कर्मचारी नहीं आया, सभी कार्यालय तिरंगे से सूने नजर आए। उपकोष कार्यालय एवं रायपुर की स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं राजस्थान ग्रामीण बैंक पर भी ताला लटका रहा। आजादी के संविधान स्थापना पर्व इतिहास के सुनहरे पन्नों पर अंकित है। 26 जनवरी 1950 को जब देश को संविधान मिला तो पूरा देश गणतंत्र दिवस के महानायकों एवं संविधान निर्माताओं एवं संविधान पाकर देश खुद को धन्य महसूस कर रहा है, लेकिन आजादी के दशको बाद हम अपने वतन के उस संविधान पर्व जैसे महान दिन को भूलते जा रहे हैं। प्रतिवर्ष स्वतन्त्रता एवं गणतंत्र दिवस के पर्व पर सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी सहित तमाम कार्यालय पर एवं लोग अपने प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं, लेकिन सरकारी तंत्र की शिथिलता कहीं न कहीं नजर जरूर आ जाती है। पूरे देश में गणतंत्र दिवस की वर्षगांठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित रहता है। यह अवकाश इसीलिए होता है कि हम इस पर्व को मिलजुलकर मनाएं, लेकिन सरकारी तंत्र छुट्टी का लाभ उठाकर अपने कर्तव्य को ही भूलता जा रहा है। यह कर्मचारी अपने कार्यालय भवनों तक आना भी अपनी ड्यूटी नहीं समझते। उपखंड क्षेत्र के इस बार भी उपकोष सरकारी कार्यालय भवन राष्ट्र ध्वज फहराने से वंचित रह गए। रायपुर के बैंकों की बात करे तो सभी सरकारी गैर सरकारी बैंकों के कार्यालय पर ताला लटका रहा। यहां कोई ध्वजारोहण करने नहीं आया।













