– उनियारा पंचायत समिति बीडीओ सहित विभागीय अधिकारियों पर जांच के दोषियों को संरक्षण देकर बचाने का आरोप,
– बिलोता पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी, सरपंच सहित पंचायत समिति के अधिकारियों व कार्मिकों के विरूद्ध वित्तीय अनियमितताओं गबन की वसूली व कानूनी कार्यवाही का जिला कलेक्टर को लिखा पत्र
टोंक /उनियारा । स्मार्ट हलचल| उनियारा उपखण्ड क्षेत्र की बिलोता ग्राम पंचायत से जुड़े गम्भीर प्रकरण में ग्राम पंचायत बिलोता सहित पंचायत समिति उनियारा मुख्यालय अलीगढ़ के जिम्मेदार तत्कालीन व वर्तमान अधिकारी / कार्मिकों विरूद्ध विकास व निर्माण कार्यों में पद का दुरूपयोग कर भ्रष्टाचार, अनियमितता, धांधली व गबन आदि की जिला प्रशासन जिला कलेक्टर सहित जिला परिषद टोंक स्तर से हुई जॉच में दोषी पाए गए करीब जिम्मेदार अधिकारियों, ग्राम पंचायत बिलोता सरपंच और कर्मचारियों के विरूद्ध प्रकरण के परिवादी जागरूक नागरिक आमजन सेवा समिति टोंक के अध्यक्ष / संयोजक एवं शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सहादतनगर के पूर्व अध्यक्ष / वर्तमान उपाध्यक्ष शिवराज बारवाल मीना ने जिला कलेक्टर टोंक को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की जांच में दोषियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई कर निलम्बित करने तथा गबन, अनियमितताओं की वसूली करने की मांग की गई हैं। ज्ञापन में बताया कि उनियारा पंचायत समिति क्षेत्र की बिलोता ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य के तहत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सहादतनगर में आठ लाख रूपए की लागत से बनाए गए स्कूल भवन निर्माण में घटिया सामग्री लगाने व अधूरे फर्श सहित अन्य अधूरे कार्य को पूर्ण बताकर वित्तीय अनियमितता की गई। टीएडी योजना में 5 लाख रूपए की लागत से बने शौचालय निर्माण में भी घटिया लगाई गई। इतना ही नहीं सीसी सड़क निर्माण कार्यों में भी जमकर घटिया निर्माण किया जाकर सीसी सड़क कार्यो में दोनों तरफ नालियों का निर्माण नहीं किया गया तथा सीसी सड़क निर्माण कार्यों में भुगतान मय नालियां बताकर उठाया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हकीकत पात्र परिवारों को पीएम आवास लाभ से वंचित कर अपात्र परिवारों व राजकीय सेवा में कार्यरत परिवारों को नियम विरूद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल कर नियम विरूद्ध अनुचित लाभ दिया गया तथा जांच के बाद आज भी अनुचित लाभ दिया जा रहा हैं। वहीं महानरेगा योजना के कार्यों में भी जारी मस्टरोल में भारी फर्जीवाड़ा कर फर्जी श्रमिकों के नाम चलाए गए, एक ही श्रमिक का फर्जी फोटो अलग-अलग मस्टरोल में अपलोड किया गया। नरेगा मस्टरोल में फर्जी श्रमिक जो गॉवों में मौजूद नहीं रहे, जो बाहर टोंक जयपुर दिल्ली रहकर जॉब या मजदूरी करते हैं उनकी हाजरी मस्टरोल में दिखाई गई तथा नरेगा कार्य पर जारी मस्टरोल में श्रमिकों से कार्य न करवाकर शिकायत होने पर जेसीबी मशीन से आनन फानन में कार्य करवाये गये, जिनके जेसीबी मशीन से ग्रेवल सड़क के दोनों ओर खोदी गई खाईयां व निशान आज तक भी मौजूद है। जबकि सभी शिकायतों के बिन्दुओं पर तत्कालीन जिला कलेक्टर टोंक के आदेश की पालना में अतिरिक्त जिला कलेक्टर बीसलपुर पुर्नवास देवली की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी सहित मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद टोंक, उपखण्ड़ अधिकारी उनियारा, विकास अधिकारी पंचायत समिति उनियारा मुख्यालय अलीगढ़ के स्तर से गठित जांच कमेटी द्वारा शिकायतों में वर्णित सभी बिन्दुओं की जॉच की जा चुकी है। परिवादी ने आरोपों व जॉच उपरान्त समस्त प्रमाणित तथ्यों अनुसार बिलोता ग्राम पंचायत में वर्ष 2021 से 2025 तक कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी जसराम मीणा, जगमोहन मीणा, सरपंच (प्रशासक) सुरेश मीणा समेत उनियारा पंचायत समिति मुख्यालय अलीगढ़ स्तर से सहायक अभियंता विजय सिंह, कनिष्ठ अभियंता मनोज मीणा, तत्कालीन जेटीए विक्रम कुमावत व वर्तमान कनिष्ठ तकनीकी सहायक (जेटीए) कमलेश नागर जॉच में दोषी पाए गए। उनियारा पंचायत समिति मुख्यालय अलीगढ़ के तत्कालीन विकास अधिकारी नरेन्द्र कुमार मीणा, तत्कालीन कार्यवाहक विकास अधिकारी सविता राठौड़, तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी सतीश कुमार सेन, शंकर सिंह ने भी जांच रिकॉर्ड में फेरबदल कर दोषियों को संरक्षण देकर शासन प्रशासन को गुमराह किया गया। वहीं जांच में इतना सब कुछ गड़बड़ झाला सामने आने पर भी पंचायत समिति उनियारा के वर्तमान खण्ड विकास अधिकारी शंकरलाल मेघवाल द्वारा भी जांच में दोषी अधिकारियों व कार्मिकों को लगातार सरंक्षण दिया गया हैं तथा संरक्षण दिया जा रहा है। परिवादी सामाजिक कार्यकर्ता शिवराज बारवाल ने जिला कलेक्टर से शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ गबन की रिकवरी करने सहित कानूनी व विभागीय कार्रवाई की मांग की गई हैं।


