रघुनाथ शाह मंदिर में धूमधाम से मनाया गया भगवान राम का जन्मोत्सव

(हरिप्रसाद शर्मा)

प्रखर जी महाराज, देवनानी और रावत ने लिया महाआरती में भाग

 

पुष्कर/ अजमेर/

स्मार्ट हलचल|धार्मिक गरी पुष्कर में गुरुवार को रामनवमी पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर राम मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना, भजन-कीर्तन सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम हुए तथा राम जन्मोत्सव की आरती की गयी। पुष्कर में राम जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन – हनुमान गली स्थित प्राचीन रघुनाथ शाह मंदिर में हुआ। पुजारी पं. कैलाश नाथ दाधीच ने बताया कि इस मौके पर आज सुबह 8 से 9 बजे तक तीर्थ राज पुष्कर का पूजन, दुग्धाभिषेक, आरती व पुष्पांजलि हुई। 9 से 10 बजे तक मंदिर में पुष्कर सरोवर समेत विभिन्न तीर्थों के जल व पंचामृत से भगवान राघवेंद्र सरकार का वेद मंत्रों व रुद्री पाठ के साथ सहस्त्राभिषेक किया गया। 10 से 12 बजे तक भजन-कीर्तन हुए। इस बीच भगवान का मनमोहक श्रृंगार कर झांकी सजाई गयी। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में भगवान के जन्मोत्सव की महाआरती हुई। इस दौरान शंख ध्वनियो और नाथू लाल सहित उनकी टीम ने नगाड़ा वादन के साथ भगवान का स्वागत किया। महाआरती में गायत्री महायज्ञ के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर महाराज, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोगों ने महाआरती मे भाग लिया। प्रखर महाराज ने कहा कि महायज्ञ से विश्व शांति की स्थापना होगी विधान सभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि सनातन संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है।

केबिनेट मंत्री रावत ने सभी को राम नवमी की बधाई दी। इस दौरान पीसांगन पंचायत के प्रधान दिनेश नायक पुष्कर भाजपा मंडल अध्यक्ष भुवनेश पाठक, भाजपा के वरिष्ठ नेता सूरज नारायण पाराशर, भाजपा नेता अरुण वैष्णव, पुष्कर नारायण भाटी, समाजसेवी कांतिलाल पाराशर, दिनेश पंडित, जगदीश कुर्डिया, अरुण पाराशर पार्षद लक्ष्मी पाराशर, जयनारायण दगदी कैलाश रँबो दामोदर मुखिया समेत बड़ी संख्या में लोग ।मौजूद रहे। पंडित ज्योतिषाचार्य कैलाश नाथ दाधीच ने सभी का स्वागत और आभार व्यक्त किया। बाद में प्रसाद वितरण हुआ। दोपहर को सुंदरकांड का संगीतमय पाठ, रामधुनी, भजन-कीर्तन के साथ शाम को संध्या व रात्रि में शयन आरती हुई। दोपहर में आगंतुक अतिथियों का सम्मान भी किया गया। इसी प्रकार राम लक्ष्मण मंदिर, वराह घाट स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर समेत सभी छोटे- बड़े मंदिरों में राम जन्मोत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया।