रोपा। बिशनियां मां चामुंडा मंदिर में इन दिनों शारदीय नवरात्रा का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया। माता के दरबार में माता के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी आस्था के इस केंद्र पर साल के अश्विन नवरात्रा में अमावस्या पर घट स्थापना की जाती है जहां पर श्रद्धालु व्रत उपवास रखकर मां चामुंडा की आराधना करते हैं इस दौरान भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मां चामुंडा से मन्नत मांगते हैं माता रानी का यह स्थान वर्षों से ही पूजनीय रहा है। नवरात्रा में रोजाना माता की पूजा होती है । नवरात्रा की दुर्गा अष्टमी पर लोगों ने अपने घरों में दियाड़ी माता की पूजा अर्चना कर कुलदेवी दियाड़ी माता को चावल लापसी का भोग लगाकर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की । वही रात्रि में मां चामुंडा माता के प्रांगण में मारवाड़ी खेल का आयोजन हुआ। बिशनियां गांव में नवरात्रा में मारवाड़ी की खेल की परंपरा अभी तक जीवित है । शारदीय नवरात्रि में कई वर्षों से मारवाड़ी खेल करवाने की परंपरा है जो अभी भी निभाई जा रही है। मारवाड़ी खेल में जगदेव कंकाली का खेल मंचन हुआ । आठवें दिन आयोजित मारवाड़ी खेल का दृश्य दर्शकों के लिए बड़ा ही शानदार रहा । मां कंकाली व जगदेव संवाद ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन किया। जिसमें जीएसएस व्यवस्थापक संजय धाकड़ व राजू लाल सेन सहित कई लोगों ने खेल कलाकारों का स्वागत किया । खेल के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचा कि जीवन में सुख दुःख का दौर चलता रहता है। परंतु इंसान को घबराकर सत्य व धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए । सदा सत्य की ही जीत होती है। नवरात्रा के अंतिम दिन मां चामुंडा का मेला लगा जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने सुबह से ही मां चामुंडा के भव्य श्रृंगार के दर्शन किए । आस पास के गांव बेरी ,नाराणा, बूंती, बिलासपुर ,देवखेड़ी ,गणेशपुरा बिशनियां से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा । वहीं ग्रामीण व आस पास के गांव की महिलाओं ने मेले में जमकर खरीदारी का लुफ्त उठाया । बालको व युवाओं ने झूले ,चकरी, डोलर का आनंद लिया। चाट पकौड़ी के चटकारे लगाए । इस अवसर पर माता रानी का नेजा निकला गया जो गांव के मुख्य मार्गो से होते हुए दामोलाई की नाड़ी पहुंचकर नवरात्रा की 9 दिन की पाती को दामोलाई नाड़ी के जल में विसर्जन की।


