स्पष्ट बहुमत से एक सीट दूर रही भाजपा, वही एक वोट से भाजपा पार्षद प्रत्याशी की हुई हार

एक वोट ने बिगाड़ा भाजपा का गणित, निर्दलीयों पर टिकी दोनों दलो की निगाहें

दीपक राठौर

बिजौलियाँ| स्मार्ट हलचल |नगरपालिका चुनाव परिणाम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से चेयरमैन की कुर्सी को लेकर पेच फंस गया है। नगरपालिका के 25 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा के 12, कांग्रेस के 11 और 2 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं। चेयरमैन पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 13 पार्षदों का है। ऐसे में भाजपा को बहुमत के लिए एक और कांग्रेस को दो पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है।
बहुमत के लिए दोनों दलों की नजर अब निर्दलीय पार्षदों पर टिकी हुई है। वार्ड 19 से निर्दलीय पार्षद कुंवर सौभाग्य सिंह और वार्ड 11 से निर्दलीय पार्षद राधेश्याम रेगर से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संपर्क साधने में जुटे हुए हैं।मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए चेयरमैन की कुर्सी का फैसला निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर माना जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा में से जो भी दल निर्दलीयों को अपने पाले में लाने में सफल रहेगा, चेयरमैन की कुर्सी पर उसी दल का कब्जा होने की संभावना है।
इधर, राजनीतिक सरगर्मियों के बीच दोनों प्रमुख दलों के विजयी पार्षदों को मजबूत बाड़ेबंदी में सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। अब सभी की नजर निर्दलीय पार्षदों के रुख और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है।

एक वोट से बिगडा भाजपा का गणित-
वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस प्रत्याशी आशा जैन एक वोट से विजय रही जिसके कारण भाजपा को एक सीट गवानी पड़ी इसी के चलते हैं अगर इस एक वोट से अगर भाजपा प्रत्याशी की जीत होती तो भाजपा को 25 में से 13 पार्षद जीत के रूप में मिलते जिससे भाजपा को चेयरपर्सन के लिए दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता| इस 1 वोट के कारण भाजपा 13 का आंकड़ा नहीं छु पाई | वहीं कांग्रेस भी इस एक वोट की जीत से चेयरपर्सन की दावेदारी और प्रबल नजर आ रही है|

निर्दलीय फैक्टर रहेगा अहम –
कांग्रेस और बीजेपी दोनों स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा नहीं छु-पाने के कारण जहां बीजेपी के खाते में 12 सीटे और कांग्रेस के खाते में 11 सिटे आई | बीजेपी को स्पष्ट बहुमत के लिए एक सीट तो कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत के लिए दो सीटों की आवश्यकता है इसके चलते निर्दलीय फैक्टर जीस और जाएंगे उसी का चेयरपर्सन बनना लगभग तय माना जा रहा है |

यह प्रत्याशी जीते-
1 निरमा मीणा कांग्रेस
2 माया शर्मा भाजपा
3 निशा जैन भाजपा
4 स्नेहा तिवारी भाजपा
5 निर्मला मेहर कांग्रेस
6 किशनलाल खटीक कांग्रेस
7 रईस मोहम्मद कांग्रेस
8 प्रेम कुमारी सोनी भाजपा
9 दिनेश पालीवाल कांग्रेस
10 कमलेश कोली भाजपा
11 राधेश्याम रेगर (निर्दलीय )
12 रीना चंद्रवाल भाजपा
13 आशा जैन कांग्रेस
14 हर्षद्रा कुमारी राठौड़ भाजपा
15 भूमिका सुवालका कांग्रेस
16 संजय मालवीय कांग्रेस
17 आशा देवी जोशी भाजपा
18 पूजा जोशी भाजपा
19 सौभाग्य सिंह( निर्दलीय )
20 राधा किशन माली भाजपा
21 चंद्रकला भाजपा
22 नरेश धाकड़ भाजपा
23 शंकर लाल धाकड़ कांग्रेस
24 छीतर कांग्रेस
25 पूजा खटीक कांग्रेस