काछोला में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अश्वरूढ़ प्रतिमा का किया अनावरण
काछोला 25 जनवरी-स्मार्ट हलचल|कस्बे के काछोला में हिंदुवा सूरज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा का अनावरण महाराणा प्रताप चौराहा पर किया गया।महाराणा प्रताप स्मारक समिति के संरक्षक वंश प्रदीप सिंह सोलंकी,काछोला प्रशासक रामपाल बलाई,सहसंरक्षक राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल भामाशाह, उद्योगपति चैयरमेन UGPF,अध्यक्षता
चन्द्रवीर सिंह नमाणा
महाराणा प्रताप स्मारक अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष,
गोपाल लाल शर्मा विधायक मांडलगढ़,प्रदीप कुमार सिंह पूर्व विधायक,पूर्व जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा,काछोला प्रशासक रामपाल बलाई,
अर्जुन सिंह गौड़ अध्यक्ष राजस्थान सरपंच संघ,उद्योगपति बृजेन्द्र कुमार गोयल,कान सिंह ओस्तवाल,भगवत सिंह,कल्पना राठौड़ के आतिथ्य में विधि विधान व वैदिक मंत्रोचारण के साथ अनावरण किया।

मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल ने प्रतिमा अनावरण के दौरान कहा कि प्रताप न केवल मेवाड़, बल्कि पूरे देश के लिए साहस व देशभक्ति के प्रतीक हैं और कहा कि प्रताप के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेने और मेवाड़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का आह्वान किया और स्मरण करते हुए कहा कि शौर्य,त्याग,पराक्रम और देशभक्ति की पहचान महाराणा प्रताप का जीवन और उनके वीरता से भरे इतिहास को भुलाया नही जा सकता।
कार्यक्रम में माण्डलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने कहा कि महाराणा प्रताप के कारण ही मेवाड़ की धरा और सनातन धर्म सुरक्षित रहा है।
माण्डलगढ़ पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि मेवाड़ शक्ति, भक्ति, त्याग और तपस्या की भूमि है। महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा एक स्मारक नही बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव और आत्म गौरव की नई पहचान बनेगी।
महाराणा प्रताप राष्ट्र की विरासत हैं। उन्होंने प्रताप के संघर्षों को याद किया और कहा कि प्रताप का सम्मान देश की संस्कृति का सम्मान है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र वीर सिंह नमाना ने कहा कि मेवाड़ को शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, उनके साहस और धर्म के प्रति समर्पण को हमें अपनाना चाहिए।अनावरण समारोह में उपस्तिथ अतिथियों ने महाराणा प्रताप को राष्ट्र की विरासत,स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रतीक बताया।सभी अतिथियों का स्वागत प्रशासक रामपाल बलाई,संरक्षक वंश प्रदीप सिंह सोलंकी,सम्पत सिंह सोलंकी,,राजेन्द्र सिंह सोलंकी,सत्य नारायण बलाई,हेमेंद्र सिंह,विजयराज सोनी,विक्रम सिंह,भगवान मंत्री, कैलाश धाकड़ सहित आदि ने स्वागत किया।कार्यक्रम में सैकड़ो महिला पुरुष समाजजन उपस्तिथ रहे।कार्यक्रम का संचालन सोहन लाल वैष्णव ने किया।
12 फिट ऊंची प्रतिमा का हुआ अनावरण-महाराणा प्रताप स्मारक संस्थान के संरक्षक वंश प्रदीप सिंह सोलंकी,सह संरक्षक राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की 12 फिट ऊंची पंचधातु से निर्मित है,जिसकी ऊंचाई 12 फिट और इसका वजन 2 हजार 200 किलोग्राम है।प्रतिमा का अनावरण स्थल एक नया ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया है।













