मौत के मुहाने से लौटाई जिंदगी: अजमेर पुलिस बनी ‘जीवनरक्षक’,

आनासागर में डूबते बुजुर्ग को बचाया

जयपुर, 3 अप्रैल।स्मार्ट हलचल|जब एक पल की देरी जिंदगी और मौत के बीच फर्क तय कर सकती थी, तब अजमेर पुलिस ने अपनी सतर्कता, साहस और मानवीय संवेदनशीलता से एक बुजुर्ग को नया जीवन दे दिया। यह घटना न सिर्फ एक सफल रेस्क्यू है, बल्कि वर्दी के पीछे छिपे मानवीय चेहरे की मिसाल भी है।
प्रकरणानुसार अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी कैलाश गर्ग (लगभग 70 वर्ष) ने अचानक आनासागर झील में छलांग लगा दी। झील किनारे मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सूचना हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। हेड कांस्टेबल सज्जन कुमार और कांस्टेबल नरसीराम, पुखराज, बद्रीप्रसाद व राजकुमार ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए झील में डूब रहे बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हर पल की जंग में पुलिस की तेजी और टीमवर्क ने एक जिंदगी बचा ली।
रेस्क्यू के बाद तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया गया और फिर परिजनों से संपर्क कर बुजुर्ग को सकुशल उनके हवाले किया गया।
इस प्रेरणादायक कार्य के लिए जिला पुलिस अधीक्षक, अजमेर हर्षवर्धन अगरवाला ने सभी जवानों को ₹1100-₹1100 नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। एसपी ने कहा कि इस पूरी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली ही नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी संरक्षक भी है।

उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन आगे भी इसी प्रकार किया जाता रहेगा। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील भी की कि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि जब पुलिस और समाज साथ खड़े होते हैं, तो हर संकट को हराया जा सकता है।