बजट 2026: मांडलगढ़ की उम्मीदों पर कितना खरा उतरा बजट? बड़लियास-सवाईपुर रोड और स्कूलों के कायाकल पर टिकी थीं नजरें
मांडलगढ़/भीलवाड़ा: उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा आज पेश किए गए राजस्थान बजट 2026-27 को लेकर मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जहाँ एक तरफ प्रदेश स्तर पर बड़ी घोषणाओं की गूंज रही, वहीं स्थानीय स्तर पर मांडलगढ़, बड़लियास, सवाईपुर, नंदराय और काछोला के ग्रामीणों की नजरें अपनी खस्ताहाल सड़कों और स्कूलों के उन्नयन पर टिकी थीं।
1. शिक्षा: मांडलगढ़ को ‘यूनिवर्सिटी’ की आस, स्कूलों को DMFT का सहारा
भीलवाड़ा जिले में नए विश्वविद्यालय की घोषणा का परोक्ष लाभ मांडलगढ़ के युवाओं को मिलेगा। बजट में जिले की स्कूलों में DMFT (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से 3.68 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की बात कही गई है। मांडलगढ़ एक खनन बाहुल्य क्षेत्र है, इसलिए उम्मीद है कि इस फंड का एक बड़ा हिस्सा यहाँ की जर्जर स्कूल इमारतों की मरम्मत में खर्च होगा।
2. सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर: बड़लियास-सवाईपुर मार्ग को ‘संजीवनी’ का इंतजार
सवाईपुर और बड़लियास क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या खस्ताहाल सड़कें हैं। बजट में प्रदेश भर में स्टेट हाईवे और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण की घोषणा हुई है, जिससे सवाईपुर-कोटड़ी और बड़लियास कनेक्टिंग रोड के सुधरने की उम्मीद जागी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि बड़लियास से गुजरने वाले मार्गों को चौड़ा करने के लिए अलग से बजट आवंटित होगा।
क्षेत्रीय विश्लेषण: उम्मीदें बनाम हकीकत
- पर्यटन: मांडलगढ़ किले को ‘पर्यटन सर्किट’ से जोड़ने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में सीधा जिक्र नहीं।
- कृषि: नंदराय और काछोला के लिए 25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त फसली ऋण से राहत।
- स्वास्थ्य: सवाईपुर और काछोला PHC के अपग्रेडेशन की मांग अभी भी प्रक्रिया में।
जनता की राय
“घोषणाएं अच्छी हैं, लेकिन जब तक सवाईपुर रोड पर डामर नहीं बिछता, तब तक बजट का असली फायदा हमें नहीं मिलेगा।”
— स्थानीय निवासी, सवाईपुर।
