सत्यनारायण सेन गुरला
गुरला/ गंगापुर/भीलवाड़ा । आज देश आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव मना रहा है। केंद्र एवं राज्य में एक ही विचारधारा की डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में देश में विकास के नए-नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
ऐसे समय में मेवाड़ मारवाड़ क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रेल परियोजना-भीलवाड़ा से कुंवारिया (नाथद्वारा) वाया गुरलाॅ गंगापुर पोटला कुरज कुंवारियां नई रेल लाइन का लंबित रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
परियोजना की आवश्यकता एवं पृष्ठभूमि
> यह रेल लाइन भीलवाड़ा एवं राजसमंद जैसे दो महत्वपूर्ण जिलों को सीधे देश जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेलवे मार्ग होगा है। भीलवाड़ा में सांसद दामोदर अग्रवाल व राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ दोनों केन्द्र सरकार के वर्तमान सांसद हैं
पूर्व में इस रेल लाइन का दो बार सर्वे हो चुका है, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। पुर्व सांसद रामपाल उपाध्याय, पुर्व सांसद व रेलवे मंत्री सीपी जोशी ने भीलवाडा से नाथद्वारा वाया गुरलाॅ गंगापुर पोटला कुरज कुंवारियां की सर्वेक्षण करवाया परन्तु सीपी जोशी का रेलवे मंत्रालय बदलाव के साथ ही यह रेलवे लाइन ठण्डे बस्ते में चली गई
पूर्व सांसद श्री सुभाष जी बाहेड़िया एवं वर्तमान सांसद श्री दामोदर जी अग्रवाल द्वारा भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र प्रेषित किए गए, किंतु अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
परियोजना का भौगोलिक एवं तकनीकी महत्व
> प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई मात्र लगभग 75 किलोमीटर है।
यह लाइन मावली-मारवाड़ रेल लाइन से जुड़कर आगे उदयपुर, नाथद्वारा, राजसमंद, पाली, मारवाड़ जंक्शन एवं जोधपुर तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा इस रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी, जिनमें प्रमुख हैं-
> नाथद्वारा के श्रीनाथजी,
> कांकरोली के द्वारकाधीश मंदिर, राजसमंद झील
> हल्दीघाटी,
> बागेरी नाका,
गुरलां का रणजीत सागर, कालिका माता मन्दिर
> गंगापुर का गंगाबाईसा मंदिर, भरका माता, खजुरिया श्याम आदि।
कारोई ज्योतिष नगरी, लेटें हुए सांवरिया हनुमानजी
इससे पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
औद्योगिक एवं आर्थिक लाभ
> राजसमंद का मार्बल उद्योग,
> भीलवाड़ा का वस्त्र उद्योग,
> गंगापुर क्षेत्र के मिनरल्स एवं अन्य उद्योग,
> तथा देशभर में व्यापार करने वाले गंगापुर क्षेत्र के आइसक्रीम व्यापारी-
इन सभी के लिए यह रेल लाइन मील का पत्थर सिद्ध होगी।
मालगाड़ी संचालन बढ़ने से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और क्षेत्रीय उद्योगों को राष्ट्रीय बाजार से सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय लोगों का आग्रह माननीय दामोदर अग्रवाल रेलवे कमेटी में होने व राजस्थान राज्य होने के नाते आप रेलवे बोर्ड एवं माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के समक्ष इस विषय को गंभीरता से रखते हुए-
साथ ही रेलवे मंत्री भी राजस्थान के सहभागी होने से इस रेलवे लाइन पर संज्ञान ले
भीलवाड़ा से कुंवारिया (नाथद्वारा) वाया गुरलाॅ ,गंगापुर, पोटला कुरज
नई रेल लाइन का पुनः सर्वे कराकर शीघ्र स्वीकृति प्रदान कराने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें।
आपके प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर उतरकर क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन एवं राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रेलवे संघर्ष समिति के रामप्रसाद माली ने बताया कि भारत की सबसे पुरानी प्रतीक्षारत रेल लाइन की मांग पिछले 48 वर्षों से की जा रही हैं परंतु राजनीतिक नेतृत्व की उदासीनता के चलते यह लाइन स्वीकृत नहीं हो पाई हैं पूर्व में दो बार इस लाइन का सर्वे हो चुका है परंतु किसी भी राजनेता द्वारा रुचि नहीं लेने के कारण रेलवे लाइन की मांग ठन्डे बस्ती में ही पड़ी है।
इस पर हम क्षेत्र के लोगों द्वारा पुनः प्रयास किया जा रहा इस के तहत भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को नई रेलवे लाइन का पत्र दिया। जो रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य होने के नाते इस रेलवे लाइन को प्रमुखता से लेते हुए इसकी मांग रखें और स्वीकृत कराएं
प्रतिनिधि मंडल में रामप्रसाद माली गंगापुर, सत्यनारायण सेन गुरलां, कन्हैया लाल माली गंगापुर, बंशी लाल रेगर गंगापुर, कालु लाल माली गंगापुर ने नई रेलवे लाइन का ज्ञापन पत्र सांसद महोदय के मिडिया प्रभारी को सोपा।













