बूंदी- स्मार्ट हलचल|बजट घोषणाओं 2024-25 एवं 2025-26 के तहत स्वीकृत विकास कार्यों के क्रियान्वयन एवं पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी सचिव श्री कुंजीलाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में श्री मीणा ने बूंदी एवं कोटा जिले के विभिन्न पंचायत समिति के विकास अधिकारियों से स्वीकृत विकास कार्यों की पंचायतवार समीक्षा करते हुए कहा कि अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र शुरू करावें व प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण करवाया जावें एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का शीघ्र भुगतान जारी किया जावें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जावें, सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूर्ण किये जावें।
प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुके कार्यों के अतिशीघ्र कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र व कार्य उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाये जावें। लंबित यूसी व यूसीसी की सूची बनवाकर प्राथमिकता के साथ शीघ्र भिजवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जावें। सभी विकास अधिकारी स्वयं की पंचायत समिति में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का संबंधित ग्राम विकास अधिकारी व प्रशासक के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें।
उन्होंने बजट घोषणाओं में स्वीकृत हुए विभिन्न विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बूंदी बस स्टेंड स्थानांतरण, जैत सागर व नवल सागर सौंदर्यकरण कार्य, डाबी में स्वीकृत महाविद्यालय के निर्माण शुरू हाेने, कापरेन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, श्री अन्न आउटलेट, सेंडस्टोन पार्क, केशवरायपाटन में खेल स्टेडियम निर्माण, छात्राओं की आत्मरक्षा के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर विद्यालयों में स्थापित होने वाले रानी लक्ष्मीबाई केंद्र सहित अन्य बजट घोषणाओं की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के लंबित कार्यों, प्रगतिरत व पूर्ण हो चुके कार्यों की सूची तैयार की जावें साथ ही सभी संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के साथ बजट घोषणाओं को धरातल पर लागू करने के लिए विशेष प्रयास करें।
इस दौरान जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् बूंदी रवि वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् कोटा कमल कुमार मीणा, एसई पीडब्ल्यूडी मुकेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।













