एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल|मेड़ता रोड के निकटवर्ती गांव नोखा क्षेत्र के चांदावता गांव में पली एक भैंस इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ढाई लाख रुपये की कीमत में बिकने वाली इस भैंस ने न केवल नोखा बल्कि आसपास के गांवों में भी खासा आकर्षण पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह भैंस दिनभर सुर्खियों में रही।
प्रवक्ता गजेंद्र सैन ने जानकारी देते हुए बताया कि चांदावता निवासी किसान हनुमान राम जाट की इस भैंस को लाई गांव निवासी बजरंग विश्नोई ने खरीदा है। जब लोगों ने इतनी अधिक कीमत चुकाने के कारण के बारे में पूछा, तो इसके पीछे भैंस की असाधारण खूबियां सामने आईं।
बताया गया कि यह भैंस ढाई वर्ष की शुद्ध मुर्रा नस्ल की है। इसके सींग पूरी तरह गोलाकार हैं, पूंछ जमीन को छूती है और विशेष बात यह है कि इसके मुंह में अभी तक दांत नहीं आए हैं, जो इसकी कम उम्र और बेहतर नस्ल का प्रमाण माने जाते हैं। भैंस के साथ एक बछड़ी भी है।
छह दिन पूर्व ही गर्भ देने वाली यह भैंस वर्तमान में प्रतिदिन करीब छह लीटर दूध दे रही है। पशु चिकित्सक सुरेश टाडा ने बताया कि इस भैंस का कृत्रिम गर्भाधान किया गया था, जिसमें ‘युवराज’ नामक उन्नत नस्ल का प्रयोग किया गया। उनके अनुसार आने वाले समय में यह भैंस प्रतिदिन करीब दस लीटर दूध देने में सक्षम होगी।
भैंस का सौदा तय होने के बाद किसानों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक-दूसरे को साफा पहनाकर खुशी का इजहार किया और भैंस को सम्मानपूर्वक विदा किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इतनी उच्च गुणवत्ता वाली मुर्रा नस्ल की भैंस का सौदा कम ही देखने को मिलता है।
किसानों का मानना है कि ऐसी उन्नत नस्ल की भैंसें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाती हैं। यही कारण है कि यह भैंस आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।













