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बजट 2026 में मौलिक अधिकारों को प्राथमिकता देने की मांग, राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिए जनहितकारी सुझाव

भीलवाड़ा । वर्ष 2026 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले राजस्थान बजट को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद ने राज्य सरकार से आमजन के संवैधानिक मौलिक अधिकारों को केंद्र में रखने की मांग की है। परिषद के जिलाध्यक्ष मनीष बंब ने कहा की कि विकास तभी सार्थक है जब नागरिकों को जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सम्मान, न्याय और स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार व्यवहार में मिले।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में स्वास्थ्य के अधिकार के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवाइयों व जांच सुविधाओं के विस्तार, वहीं शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने के लिए सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की भर्ती और छात्रवृत्ति योजनाओं हेतु बजटीय प्रावधान की मांग की है। वहीं महिला एवं बाल अधिकारों की सुरक्षा हेतु फास्ट ट्रैक अदालतों, पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता व पुनर्वास योजनाओं तथा असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही परिषद ने शुद्ध पेयजल, प्रदूषण नियंत्रण, जलस्रोत संरक्षण तथा जनसुनवाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई है।

परिषद के जिला संरक्षक हेमंत कोठारी जिला मार्गदर्शक सीए महावीर गांधी, समाजसेवी ललित आंचलिया, जिला संयोजक लक्की ब्यावट सहसंयोजक अनुराग बाबेल, महिला विंग जिलाध्यक्ष श्रीमती नेहा चोरड़िया महामंत्री कुसुम श्रीश्रीमाल, रजनी बापना, सुनीता गांधी, जिला उपाध्यक्ष ललित बोहरा, प्राचीर समदानी, सीए नवजोत सिंह, अर्पित नंदावत, सुशील लोढ़ा, ज्ञानचंद पगारिया, हरीश काकाणी, कमल वैशनानी, गोपाल शर्मा ललित लोढ़ा, मुकेश मेडतवाल, गिरिराज लड्ढा, अमित व्यास ने उम्मीद जताई कि बजट 2026 में इन सुझावों को शामिल कर सरकार आमजन के अधिकारों को नई मजबूती देगी।

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
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