बस स्टैंड है या शराबियों का अड्डा, अव्यवस्थित पार्किंग, दुर्गंध मारते टॉयलेट, चारों और पसरी गंदगी, हाल-ए-रोड़वेज डिपो, किससे कहें और क्या कहें …??

(राजेश जीनगर, भीलवाड़ा)
स्थानीय रोडवेज डिपो इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं, इसके पीछे अव्यवस्था सबसे बड़ा कारण है। ऐसा लगता है, मानों सांझ ढलने के साथ ही यह बस अड्डा कम और शराबियों का अड्डा ज्यादा हो जाता है। इस परिसर में पसरी शराब की बोतलें, क्वार्टर तो यहीं बयां कर रहे हैं। इसके साथ यहां बने टॉयलेट की जैसे काफी समय से सफाई नहीं हुई, जिसके चलते टॉयलेट के आसपास की नालियां व टॉयलेट दुर्गंध मार रहे हैं। वहीं सुलभ शोचालय के पास कचरे के ढेर भी रोडवेज प्रबंधन की अनदेखी बयां कर रहे हैं। जबकि प्लेटफॉर्म तक खड़े अव्यवस्थित व्हिकल पार्किंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जबकि इस बस स्टैंड से हजारों यात्री सफर करते हैं, कई बार तो गंतव्य तक पहुंचने के लिए साधन (बस) का घंटों इंतज़ार भी करना पड़ता है। ऐसे में बे-बस यात्रियों को इन अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके प्रबंधन की अनदेखी उदासीनता कई बड़े सवाल खड़े करती है।