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केंसर अनुसंधान के लिए नवग्रह आश्रम का चयन दो पीजी स्कोलर पहुंचे नवग्रह आश्रम, मिलेगा केंसर रोगियों को लाभ

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा जिले के मोतीबोर का खेड़ा स्थित श्रीनवग्रह आश्रम में संचालित श्रीनवग्रह आश्रम आयुर्वेद एवं परम्परागत चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान केंद्र को मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर ने अपने पीजी स्कोलर के अनुसंधान के लिए चुना है। आयुर्वेद महाविद्यालय के पीजी स्टूडेंट आश्रम में पहुंच कर अनुसंधान कार्य शुरू कर चुके है। ये पीजी स्कोलर डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के निर्देशन में यह कार्य कर रहे है। श्रीनवग्रह आश्रम में देश व दुनियां से काफी तादाद में केंसर रोगियों के उपचार कराये जाने से आयुर्वेद महाविद्यालय ने अपने अनुसंधान कार्य के लिए श्रीनवग्रह आश्रम का चयन किया है। अनसुंधान के लिए आश्रम का चयन भीलवाड़ा जिले को गौरव दिलायेगा क्योंकि अनुसंधान पूर्ण होने के बाद इन स्कोलर द्वारा तैयार केंसर रोग निदान की दवाईयों का लाभ श्रीनवग्रह आश्रम के देश व दुनियां से आने वाले रोगियों को भी मिल सकेगा।
मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर की एचओडी प्रो. कामिनी कौशल के निर्देशन में पीजी स्कोलर डा. भावना उपाध्याय व एचओडी प्रो. अवधेश कुमार भट्ट के निर्देशन में डा. धनुश्री गोटकर अपने अनुसंधान के लिए श्री नवग्रह आश्रम पहुंच चुकी है। श्रीनवग्रह आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी ने बताया कि मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर द्वारा अपने स्कोलर के लिए अनुसंधान के लिए आश्रम का चयन किया जाना गौरवपूर्ण है। हम पिछले लंबे समय से केंसर रोगियों के उपचार के लिए जो कार्य कर रहे है उसे विश्वविद्यालय ने रिकोगनाईज किया है तभी आज स्कोलर आश्रम पहुंचे है। अभी आधा दर्जन स्कोलर ओर भी पहुंचने वाले है।
पीजी स्कोलर डा. धनुश्री गोटकर ने कहा है कि उनका रिसर्च दो माह का है। आश्रम में केंसर रोगियों को दी जा रही सुविधाओं व उपचार पद्वति से प्रभावित होकर हमको यहां भेजा गया है। हम यहां रिसर्च करेगें तथा उसके परिणाम के आधार पर केंसर उपचार के लिए नई दवा का इजाद करेगें। नवग्रह आश्रम में दी जा रही बेहतरीन सुविधाओं से वो प्रभावित है तथा यहां के वातावरण के कारण आगामी दिनों में केंसर रोगियों के लिए नये प्रोजेक्ट को लेकर भी वो आश्रम के साथ अनुसंधान करना चाहती है। देश में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रूझान अधिक करने के लिए आयुर्वेद प्रेक्टीशनर को आत्मविश्वास के साथ आगे आकर कार्य करने की जरूरत है।
पीजी स्कोलर डा. भावना उपाध्याय ने कहा है कि आयुर्वेद में कम से कम दवाओं के माध्यम से उपचार किया जाता है। केंसर रोगी के जीवन शैली में सुधार व प्रकृति के साथ जोड़कर आयुर्वेद की दवा का उपयोग का जो पेटर्न आश्रम में अपनाया जा रहा है वो बेहतरीन है तथा रोगियों के सुधार में सहयोगी है। यहां का नवग्रह का कंसप्ट भी अपने आप में आदभुत है।
श्रीनवग्रह आश्रम आयुर्वेद एवं परम्परागत चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी ने कहा है कि 6 वर्ष से आश्रम केंसर रोगियों के उपचार के लिए कार्य कर रहा है। हम प्रांरभ से ही प्रयोगधर्मी रहे है। नित नये प्रयोग हमारी रिसर्च टीम कर रही है। अब मदनमोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के दो पीजी स्कोलर का अनुसंधान के लिए आश्रम में पहुंचना ही जिले के लिए गौरव की बात है। इनका केंसर पर रिसर्च आश्रम के रोगियों के साथ देश व दुनियां के काम आयेगा। अभी आधा दर्जन पीजी स्कोलर ओर भी यहां पहुंचने की संभावना है।

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