रेखचन्द्र भारद्वाज
जुरहरा, जिला डीग:स्मार्ट हलचल|प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र जुरहरा में बुधवार को पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 57 वीं पुण्यतिथि स्मृति दिवस को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम पिता श्री ब्रह्मा बाबा के चित्र पर माला अर्पित की गई। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी प्रीति बहन ने पिता श्री ब्रह्मा बाबा की जीवन की विशेषताओं को अवगत कराते हुए बताया कि श्री ब्रह्मा बाबा ने 18 जनवरी 1969 को अपना शरीर छोड़ दिया था और उन्हें अव्यक्त हुए 57 वर्ष हो गए हैं। आज भी लगता है कि बाबा हम सभी के साथ हैं। उनका जीवन त्याग व तपस्या वाला था उन्होंने सदैव मातृशक्ति को आगे रखा। कार्यक्रम में कुमारी प्रियंका व भावना ने पिता श्री ब्रह्मा बाबा को समर्पित ‘अंबर में है तारे जितने सागर में है पानी याद रखेंगे ब्रह्मा बाबा तेरी अमर कहानी याद रखेंगे ब्रह्मा बाबा तेरी अमर कहानी सरकार पालन के वह दिन कितने प्यारे थे’ गीत प्रस्तुत किया। नदबई क्षेत्र से पधारी राजयोगनी ब्रह्माकुमारी संतोष बहन ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाबा ने मातृशक्ति को सदैव आगे रखा और अपने जीवन में तीन शिक्षाओं की धारणा करने का आह्वान किया। निराकरी, निर्विकार, निरंकारी ब्रह्मा बाबा सदैव त्याग तपस्या कि प्रति मूर्ति थे। उन्होंने सदैव सभी के प्रति समभाव व समानता की भावना रखी। बाबा की नजरों में किसी भी प्रकार का कोई भी भेदभाव न था। इसके बाद कुमारी खुशी ने सुंदर नृत्य के द्वारा सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन व ब्रह्मा कुमार धीरज भाई ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से धीरज गुर्जर, दरबारी साहू, राजेश शर्मा, दरबारी गौड़, परमलाल सैनी व धर्मसिंह गुर्जर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


