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प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व मे आंशा सहयोगनी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व मे आंशा सहयोगनी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को सौंपा ज्ञापन

प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व मे बजट पहले वापस होगा शांतिपूर्वक आंदोलन

लोकेश कुमार गुप्ता

चाकसू () राजस्थान आशा सहयोगिनी संगठन ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ,चाकसू विधायक वैद प्रकाश सोलकी ,प्रतिप्रश्न नेता गुलाब चन्द्र कटारिया को बजट से पहले वापस एक बार प्रदेश अध्यक्ष निर्मला सैन के नेतृत्व मे अपनी मांगे को लेकर ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में बताया गया है कि आशा सहयोगनी द्वारा अल्प मानदेय में आंगनबाड़ी केंद्रों और चिकित्सा विभाग के अंतर्गत कार्य कर रही है । जिसको एक ही विभाग के अधीन किया जाना चाहिए। आशा सहयोगिनी का मानदेय नही बढ़ाया गया। जबकि फील्ड वर्कर आशा सहयोगनी द्वारा किया जा रहा है ।प्रदेश अध्यक्ष निर्मला सैन ने बताया की हमारी चार मुख्य मांगे है जिसमे (1) आशा सहयोगनी को स्थाई किया जाए अर्थात राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए ( 2) न्यूनतम मजदूरी दी जाये (3) कार्य करते हुए योग्यता अनुभव के आधार पर आशा सुपरवाइजर एंव ए एन एम में नियुक्त किया जाए (4 )जिन आशाओं को कार्यमुक्त किया गया एवं उन्हें सम्मान पूर्वक वापस नियुक्त किया जाए ।आशा सहयोगिनी द्वारा अल्प मानदेय में आंगनबाड़ी केंद्रों और चिकित्सा विभाग के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है जिसको एक ही विभाग के अधीन किया जाना चाहिए।. जबकि फील्ड वर्क आशा सहयोगिनी द्वारा किया जा रहा है।समस्त आशा सहयोगिनी प्रत्येक क्षेत्र में कम मानदेय में कार्य कर रही है वर्तमान समय में कोरोना जैसी बीमारी में आशाओं ने कार्य किया।
आशा सहयोगिनी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2018 में अपने घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्मिकों को राज्य कर्मचारी बनाए जाने की घोषणा की थी। ऐसे में आंगनबाड़ी आशा सहयोगिनी को भी स्थाई कर राज्य कर्मचारी बनाया जाए। ऐसे में 1970 से आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगे समस्त महिला कार्मिक और आशा सहयोगिनी, जो 2004 से कार्यरत होने के बाद भी 2700 रुपए के मानदेय पर कार्यरत हैं. ऐसे में लंबा समय बीतने के बाद भी महिला कार्मिकों को सरकार स्थाई कर्मचारी नहीं मान रही है।राज्य में हजारों की संख्या में मानदेय पर कार्यरत महिला कार्मिकों ने समय-समय पर स्थायीकरण की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन किए हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में वादा करने के बाद भी महिला कार्मिकों को स्थाई नहीं करने पर अब इन महिला कार्मिकों में अब आक्रोश फुटने लगा है।जिससे उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ,चाकसू विधायक ,प्रतिप्रश्न नेता गुलाब चंद कटारिया ने आशासयोगिनी को कहा की आपकी मांगे को लेकर विधानसभा मे बजट के समय आपकी मांगे के मुद्दे को उठाया जायेगा।वही ज्ञापन देने मे
प्रदेश अध्यक्ष निर्मला सेन, प्रदेश उपाध्यक्ष अरुणा कुंवर ,मिडिया प्रभारी लोकेश कुमार गुप्ता, अनुराधा देवी ,प्रदेश संयोजक अलका कुंवर , प्रदेश महासचिव उषा चौधरी प्रदेश महामंत्री संतोष कुंवर , प्रदेश जिला स्तर महामंत्री गुड्डी वर्मा सहित आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान की सभी आशासयोगिनी मौजूद रही

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