अजमेर कार अग्निकांड में सनसनीखेज खुलासा: जिसे ‘हादसा’ समझा, वह निकली ‘सामूहिक हत्या’ की खौफनाक साजिश

अजमेर कार अग्निकांड में सनसनीखेज खुलासा: जिसे ‘हादसा’ समझा, वह निकली ‘सामूहिक हत्या’ की खौफनाक साजिश!

स्मार्ट हलचल समाचार पत्र, अजमेर | स्पेशल रिपोर्ट

अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव के पास गुरुवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने अब एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। शुरुआत में जिसे एक दुखद दुर्घटना माना जा रहा था, पुलिस की प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए अब यह ‘मल्टीपल मर्डर’ (सामूहिक हत्या) की एक सोची-समझी साजिश नजर आ रही है।

क्या था शुरुआती मामला?

गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे यह खबर सामने आई थी कि श्रीरामपुरा गांव निवासी पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी अपनी मां और जिला परिषद सदस्य पूसी देवी को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में कार में अचानक आग लग गई, जिससे रामसिंह चौधरी, उनकी पत्नी (पूर्व सरपंच सुरज्ञान देवी) और भांजी महिमा कार से बाहर नहीं निकल सके और जिंदा जलकर उनकी मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसी पूसी देवी को बाहर निकाला गया था, लेकिन बाद में उनकी भी मौत हो गई।

कहानी में आया नया और चौंकाने वाला मोड़

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाल और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने बारीकी से जांच की और पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी के घर का मुआयना किया, तो कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने इस हादसे को मर्डर मिस्ट्री में तब्दील कर दिया:

  • घर में मिले खून के निशान: पुलिस को रामसिंह के श्रीरामपुरा स्थित घर में अंदर खून के धब्बे और कुछ ईंटें मिली हैं।
  • सबूत मिटाने की साजिश: जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर से डीजल निकालकर पूरे घर को धोया गया था, ताकि खून और अन्य सबूत मिटाए जा सकें।
  • शवों पर चोट के निशान: जल चुकी कार से निकाले गए शवों पर चोटों के निशान पाए गए हैं। इससे अंदेशा है कि कार में आग लगाने से पहले ही उनके साथ मारपीट की गई थी या उनकी हत्या कर दी गई थी।

मौत से महज 5 घंटे पहले की फेसबुक पोस्ट ने खोले राज
इस घटना में सबसे बड़ा खुलासा रामसिंह चौधरी के सोशल मीडिया अकाउंट से हुआ है। मौत से महज कुछ घंटे पहले (रात करीब 12 बजे तक) उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लगातार 13 पोस्ट की थीं। अपनी आखिरी पोस्ट्स में उन्होंने खुद की पुलिस सुरक्षा (गनमैन) हटाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था कि उन्हें जान-माल का खतरा होने के कारण ही सरकार ने सुरक्षा दी थी। यह पोस्ट इस बात का पुख्ता सबूत है कि उन्हें अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा पहले से था।

पारिवारिक रंजिश का एंगल और पहली पत्नी पर शक

पुलिस की जांच में यह पूरा मामला गहरे पारिवारिक विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक, रामसिंह चौधरी की दो पत्नियां थीं। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस को रामसिंह की पहली पत्नी और उनके बच्चों की भूमिका बेहद संदिग्ध लग रही है। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। अंदेशा है कि रात में झगड़ा हुआ, हत्या की गई और फिर इसे हादसे का रूप देने के लिए शवों को कार में डालकर आग लगा दी गई।

पुलिस का अगला कदम

कार के अंदर तीन शव मिले थे, जबकि एक शव पास के खेत में मिला है। फिलहाल चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया गया है। मेडिकल बोर्ड द्वारा होने वाले पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से मौत के असली कारणों (दम घुटने से मौत या पहले से हत्या) का पूरी तरह पर्दाफाश होगा। पुलिस की कई टीमें इस मामले पर काम कर रही हैं और जल्द ही आधिकारिक खुलासा होने की उम्मीद है।

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