चारागाह भूमि पर भू-माफियाओं का पीला पंजा; जेसीबी से खोदा गोचर, भीलवाड़ा के गुरला में पशुपालक परेशान

भीलवाड़ा।गुरला क्षेत्र में सरकारी चारागाह भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से जेसीबी मशीनें चलाकर जमीन का प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। माफियाओं ने रात के अंधेरे में गोचर भूमि को समतल करने के नाम पर जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए हैं और मिट्टी के बड़े-बड़े टीले खड़े कर दिए हैं। राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज इस आरक्षित भूमि पर हुए इस कृत्य से स्थानीय पशुपालकों में भारी आक्रोश है।
*500 से अधिक मवेशियों के सामने चारे का संकट*
गुरला निवासी बालू लाल दरोगा ने बताया कि यह चारागाह भूमि गांव के करीब 500 से अधिक पशुओं के चरने का एकमात्र सहारा थी। माफियाओं ने इसे पूरी तरह उजाड़ दिया है, जिससे अब मवेशियों के पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफिया इस बेशकीमती सरकारी जमीन को समतल कर इस पर अवैध प्लॉटिंग (प्लॉट काटने) की फिराक में हैं।

*हाईवे 758 के नजदीक चारागाह पर अवैध मिट्टी दोहन*

गुरला के रगसपुरिया चौराहे से कुछ दुरी पर हाईवे के पास जमीन पर बड़े बड़े खड़े कर रखें और इस जगह से अवैध मिट्टी दोहन किया जा रहा है परन्तु शासन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है

*प्रशासनिक अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी*
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि के खिलाफ स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों की इस बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए और चारागाह को मुक्त नहीं कराया गया, तो वे भीलवाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर उग्र धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।