मंगरोप।मुकेश खटीक@मंगरोप व बड़लियास थाना बॉर्डर क्षेत्र के आमा ग्राम पंचायत अंतर्गत कालीरडिया गांव में मंगलवार को गौशाला की चारदीवारी को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अचानक हिंसक हो गया।पेट्रोल पंप के पास स्थित गौशाला में चारा डालकर फाटक बंद करने के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते एक पक्ष पर दूसरे पक्ष ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया,जिसके बाद पथराव और लाठी-डंडों की झड़प शुरू हो गई।घटना में एक समुदाय के 7–8 लोग घायल हो गए,जिनमें तीन युवकों की हालत गंभीर बताई जा रही है।सभी घायलों को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया,इसके बाद गंभीर घायलों को भीलवाड़ा रेफर किया गया।सूचना मिलने पर बड़लियास थाना प्रभारी मुन्नीराम चोयल मौके पर पहुंचे,जहां उन्हें ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों का आरोप है कि इस विवाद को लेकर पूर्व में चार बार रिपोर्ट दी जा चुकी थी।लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने से हालात बिगड़े।इसी को लेकर थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन,सीओ सदर माधव उपाध्याय और मांडलगढ़ पुलिस उपाधीक्षक बाबूलाल बिश्नोई ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश के प्रयास किए।हालांकि ग्रामीण आरोपी पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बड़लियास,कोटड़ी,बीगोद,सदर थाना और मांडलगढ़ सहित आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।मंगरोप क्षेत्र की आरपीएस प्रोबेशनर नेहा राव और विजय मीणा सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे।ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला के पास अवैध रूप से बने मकानों से रास्ता बाधित हो रहा है,जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।वे अवैध निर्माण हटाने की मांग कर रहे हैं।इधर,सीआई मुन्नीराम चोयल के खिलाफ भी मौके पर आक्रोश देखने को मिला।वहीं,नेहा राव के पहुंचते ही हालात संभले।दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद भीड़ शांत हुई और पुलिस के समर्थन में नारेबाजी भी हुई।पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।

