बन्शीलाल धाकड़
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल/खाद्य प्रदार्थों के पैकेट में विद्यमान स्वास्थ्य के लिये हानिकारक अवयवों के बारे में उपभोक्ताओं को सचेत एवं जागरूक रहना आम उपभोक्ताओं के लिये अति आवश्यक हो गया है। पैकेट बन्द खाद्य सामग्री में अधिक मात्रा में चिनी, वसा और नमक होते है। इससे उपभोक्ताओं में कई तरह की जौखिम वाली बिमारियां हो रही है। इस तरह पैकेट बंद खाद्य सामग्री का अत्यधिक सेवन करने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके लिये आम लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर पैकेज लेबलिंग पर निर्देशित सूचना को ध्यान से पढ़कर सेवन करने की आवश्यकता है। उक्त विचार कटस इन्टरनेशनल द्वारा हॉटल पदमिनी में फ्रंट ऑफ पैकेज लेबलिंग विषय पर
आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये उपमुख्य चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश विजयवर्गीय ने व्यक्त किये। कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर बोलते हुये कट्स इन्टरनेशनल के एसोसिएट डायरेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फ्रंट ऑफ पैकेज लेबलिंग (FOPL) एक पोषण प्रदर्शित करने की प्रणाली है जैसे भोजन में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच हेतु खाद्य सामग्रियों के पैकेट पर सामने की ओर जानकारी दी जाती है कि पैकेट का वजन, पैकिंग दिनांक, अवधि पार दिनांक, निर्माता कम्पनी का नाम और पता आदि की जानकारी FoPL की श्रेणी में आती है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथे के रूप में बोलते हये सरस डेयरी के पूर्व प्रबन्ध संचालक उमेश कुमार व्यास ने बताया कि पेय पदार्थ और स्नेक्स बनाने में जो सामग्री उपयोग में ली जाती है जो निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप होनी चाहिये। डॉ. दिगविजय सिंह ने गुटका, तम्बाकु, सिगरेट पर दी जाने वाली चैतावनी का उपभोक्ता ध्यान रखे, उसे आत्मसाध करे क्योंकि इनके सेवन से होने वाली बिमारिया काफी लम्बी और घातक साबित होती है। नमक, वसा और सुगर का अत्यधिक सेवन करने से गैर
संचारी रोगों की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है जो घातक बिमारियों की श्रेणी में आता है। प्रतिदिन प्रति व्यक्ति को 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिये। विद्युत विभाग के सेवा निवृत अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता रमेश चन्द्र शर्मा ने उपभोक्ताओं को जागरूक रहकर पैकेट खाद्य प्रदाथों और जंक फुड के सेवन से बचना चाहिये। इस अवसर पर मीना सेन, सीनियर हेल्थ एण्ड विलनेश कोच ने संतुलित आहार लेने की सुबह से शाम तक की प्रक्रिया और पोषण युक्त भोजन लेने की जानकारी दी। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य प्रशिक्षक गंगादेवी ने अत्यधिक नमक, सर्करा, वसा के सेवन से बचने के लिये हमारी परम्परागत जैविक उपभोग व्यवस्था को पुनः अपनाने की सलाह दी। इस अवसर ने निधि जैन, गोपाल लाल डांगी, अनिलगिरी गोस्वामी, गायत्री मौड एवं लक्ष्मी देवी मीना ने भी अपने विचार व्यक्त किये।कार्यशाला में पधारे अतिथियों एवं सहभागियों का आभार कट्स के समन्वयक गौहर महमूद ने व्यक्त किया एवं संचालन मदनगिरी गोस्वामी ने किया।













