मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में कल से गूंजेंगे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे, 16 हजार किलो सामग्री से सजेगा मोदक दरबार

जयपुर

348 किलो पंचामृत अभिषेक से शुरू होगा गणेशोत्सव, स्वर्ण मुकुट-नौलखा हार से सजेगा मोतीडूंगरी गणेशजी का दरबार

अजय सिंह (चिंटू)

जयपुर-स्मार्ट हलचल|छोटी काशी जयपुर में गणेश चतुर्थी को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल बनने लगा है। शहर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में प्रथम पूज्य भगवान गणेशजी के नौ दिवसीय जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 7 सितंबर से शुरू होने वाला गणेशोत्सव 15 सितंबर को भगवान गणेशजी के भव्य नगर भ्रमण के साथ संपन्न होगा। नौ दिनों तक मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भव्य झांकियां, पंचामृत अभिषेक, मोदक उत्सव, फल-सब्जी एवं फूलों की सजावट, सिंजारा, शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के अनुसार उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान गजानन के दरबार का स्वरूप अलग और आकर्षक नजर आएगा।
*कलश यात्रा से होगा उत्सव का शुभारंभ*
गणेशोत्सव का शुभारंभ 7 सितंबर को सुबह 9 बजे कलश यात्रा एवं जलाभिषेक के साथ होगा। इसके बाद 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर भगवान गणेशजी का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी का उपयोग होगा। इसी दिन केले की विशेष झांकी, छप्पन भोग की झांकी और शाम को ध्रुपद गायन होगा।
*तीन हजार किलो घी से तैयार होंगे मोदक*
9 सितंबर को मोदकों की भव्य झांकी उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। झांकी में 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच मोदक, 21-21 किलो के 21 मोदक और सवा-सवा किलो के 1100 मोदक सहित हजारों छोटे मोदक सजाए जाएंगे। इन्हें तैयार करने में करीब 3000 किलो शुद्ध घी, 3000 किलो बेसन, 9000 किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का उपयोग होगा। इस तरह करीब 16 हजार किलो सामग्री से तैयार होने वाला मोदक दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। सुबह 5 बजे से श्रद्धालु मोदक झांकी के दर्शन कर सकेंगे। शाम को सुगम संगीत और कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी तथा प्रसाद वितरण किया जाएगा।
*फल, सब्जी और फूलों से बदलेगा गणेश दरबार का स्वरूप*
10 सितंबर को फलों, 11 सितंबर को सब्जियों और 12 सितंबर को फूलों की आकर्षक झांकियों से गणेशजी का दरबार सजाया जाएगा। इन दिनों शाम 6 बजे कथक नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। 8 से 12 सितंबर तक ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां भगवान गणेशजी को समर्पित करेंगे। धार्मिक आस्था के साथ शास्त्रीय कला और संगीत का अनूठा संगम श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा।
*सिंजारा में 3500 किलो मेहंदी से होगा विशेष श्रृंगार*
13 सितंबर को मंदिर में मेहंदी पूजन और सिंजारा का आयोजन होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी से भगवान गणेशजी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसी अवसर पर प्रथम पूज्य को विशेष स्वर्ण मुकुट धारण कराया जाएगा। भगवान गणेशजी चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर विशेष पोशाक और नौलखा हार से सुशोभित होंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन माह में तैयार किया है।
*14 सितंबर को जन्मोत्सव, 19 घंटे से अधिक दर्शन*
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती से लेकर रात 11:40 बजे शयन आरती तक श्रद्धालुओं को दर्शन मिलेंगे। यानी भक्तों के लिए 19 घंटे से अधिक समय तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
*15 सितंबर को निकलेगा भव्य नगर भ्रमण*
नौ दिवसीय उत्सव का समापन 15 सितंबर को शाम 4 बजे भगवान गणेशजी की भव्य शोभायात्रा और नगर भ्रमण के साथ होगा। शोभायात्रा मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार और ब्रह्मपुरी होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी। इसमें स्वचालित झांकियां, स्वरूप झांकियां और सर्वसमाज की ओर से आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन, यातायात और पार्किंग की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर जयपुर के प्रमुख आस्था स्थलों में शामिल है और गणेश चतुर्थी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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