मामराज मीणा
–मास्टरमाइंड गिरफ्तार,सैकड़ो युवाओं को धकेला अपराध में
-जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने किया मामले का खुलासा
स्मार्ट हलचल| जिला कोटपूतली बहरोड में पुलिस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर था कि वारदात पंजाबी देने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। एसपी देवेंद्र विश्नोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया की हरसोरा,जिला खैरथल-तिजारा में मऊ,पीपली, मुंडावर,कोटकासिम आदि जगह दबिश देकर 41 संदिग्धों को डीटेन किया गया। जिनमें से 15 लोगों से पूछताछ एवं समझाईश की गयी तथा 25 लोगों को अंतर्गत धारा 170 बीएनएसएस गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि इलाका थाना बानसूर, कोटकासिम, मुंडावर व अन्य क्षेत्रों के कई लोग कम्बोडिया में रहकर फ्रॉड कर रहे हैं।पुलिस ने मुख्य अभियुक्त सुरेश सेन पुत्र श्री रामदयाल सेन निवासी रामनगर थाना बानसूर जिला कोटपूतली बहरोड़ को विभिन्न आईटी एक्ट साइबर पुलिस थाना जिला कोटपूतली बहरोड़ में गिरफ्तार किया गया है।
गैंग की कार्यप्रणाली –
सुरेश सेन चाईनीज व कम्बोडियन अपराधियों के साथ गठजोड़ कर कोटपूतली-बहरोड़ सहित आसपास के जिलों से अब तक सैकड़ों युवकों को विदेश भेज चुका है। युवकों को भारत से वियतनाम,थाईलैंड आदि देशों के रास्ते कम्बोडिया पहुंचाया जाता है। जहां उन्हें पहले 15 दिन तक साइबर फ्रॉड की स्क्रिप्ट पर प्रशिक्षण दिया जाता है और फिर चाइनीज लोगों द्वारा संचालित कॉल सेंटरों में तैनात कर दिया जाता है। इन कॉल सेंटर के पास भारत के अलग-अलग लोगों का डाटा होता है जो डाटा के अनुसार अलग-अलग लोगों को टारगेट करते हैं।इन कॉल सेंटरों से स्वयं को सीबीआई, पुलिस, ईडी, कस्टम अधिकारी आदि बताकर भारत में लोगों से डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट फ्रॉड, लिंक फ्रॉड व OTP फ्रॉड जैसे गंभीर साइबर अपराधों को अंजाम देते हैं। पूछताछ में सामने आया है कि कम्बोडिया में संचालित इन फर्जी कॉल सेंटरों में भारत, पाकिस्तान, नेपाल व बांग्लादेश के लगभग 1000-1500 लोग कार्यरत हैं। इन्हें लगभग 1000 अमेरिकी डॉलर मासिक वेतन तथा बड़ी ठगी करने पर अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाता है। हिंदी भाषी राज्यों के साथ-साथ दक्षिण भारत से अंग्रेजी भाषी युवकों की भी बड़ी संख्या इसमें शामिल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वीडियो बाइट देवेंद्र कुमार बिश्नोई SP जिला कोटपूतली बहरोड













