दो दिन की मासूम को झाड़ियों में फेंका,खेत पर जा रहे किसान ने देखा तो पत्थरों के बीच पड़ी रो रही थी मासूम

@महेन्द्र धाकड़
चित्तौड़गढ़। जिले के निम्बाहेड़ा उपखण्ड के कनेरा थाना क्षेत्र में दो दिन की मासूम बच्ची पत्थरों और झाड़ियों के बीच मिली। वहां मौजूद कुछ बच्चों ने रोने की आवाज सुन ली। इसके बाद वहां से गुजर रहे एक किसान ने कपड़ा हटाकर देखा तो मासूम बेसुध पड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार कनेरा क्षेत्र के सरकारी हॉस्पिटल से करीब 100 मीटर की दूरी पर भुवानिया खेड़ी रोड के किनारे झाड़ियों में एक नवजात को कोई फेंक गया। घटना शनिवार देर शाम की है। श्रीनिवास नाम के युवक को जब पता चला कि मासूम को ऐसी हालात में छोड़ कर चले गए तो उसने तुरंत अस्पताल के कर्मचारियों को सूचना दी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वे बच्चे को उठाकर कनेरा अस्पताल ले गए, जहां उसका प्रारंभिक उपचार कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर कनेरा पुलिस पहुंची और बाल कल्याण समिति को सूचना दी।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने तुरंत FIR दर्ज कर बच्ची को जिला अस्पताल भेजने का आर्डर दिया। कनेरा SHO रूपलाल मीणा ने सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर उसे रात को 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल लेकर आए, जहां बच्चे का उपचार किया गया। जब बच्ची मिली थी तो उसके हाथ पर हल्की सी खरोंच थी और खून के धब्बे थे।
2 दिन की बच्ची को अस्पताल लाया गया। जहां उसका अभी इलाज चल रहा है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि बच्ची लगभग 2 से 3 दिन की रही होगी। ग्रामीण श्रीनिवास धाकड़ ने मौके पर हॉस्पिटल के कर्मचारियों को बुलाया। हॉस्पिटल में पुलिस पहुंची और नवजात को जिला अस्पताल लेकर आए। नवजात का वजन लगभग दो किलो का है। अभी मासूम स्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने बताया कि पत्थरों व झाड़ियों के बीच होने की वजह से उसके हाथ पर चोटें आई है।

झाड़ियों व पत्थरों के बीच बेसुध पड़ी मासूम।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि कनेरा पुलिस ने बच्ची का मेडिकल करवा कर उसकी रिपोर्ट तैयार की है। मासूम को एनआईसीयू में बच्चे को रखा गया है। अध्यक्ष दशोरा ने बताया कि बच्ची के शरीर में साधारण सी चोटें आई हैं इसलिए उसे कुछ दिनों तक NICU में ही रखा जाएगा ताकि डॉक्टर उसके पूर्ण उपचार कर सके। उसके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही उसे शिशु गृह में लिया जाएगा। अज्ञात मां-बाप के खिलाफ कनेरा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

 

प्रत्यक्षदर्शी श्रीनिवास बोले
कनेरा निवासी श्रीनिवास ने बताया कि रोज की तरह वे शाम को अपने खेत की ओर जा रहे थे। इससे पहले वहां खेल रहे बच्चों को झाड़ियों के बीच में से मासूम के रोने की आवाज सुनाई दी तो वे वहां जाकर देखने लगे। बच्चों को वहां देख मैं भी पहुंचा तो उसमें से रोने की आवाज आने लगी। इस पर कपड़ा हटाया तो मैं खुद चौक गया। करीब दो से तीन दिन की मासूम थी और कपड़ों में लिपटी हुई थी। इसके बाद पुलिस और हॉस्पिटल के लोगों को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुंचाया।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि बच्ची लगभग 2 से 3 दिन की रही होगी। ग्रामीण श्रीनिवास धाकड़ ने मौके पर हॉस्पिटल के कर्मचारियों को बुलाया। हॉस्पिटल में पुलिस पहुंची और नवजात को जिला अस्पताल लेकर आए। नवजात का वजन लगभग दो किलो का है। अभी मासूम स्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने बताया कि पत्थरों व झाड़ियों के बीच होने की वजह से उसके हाथ पर चोटें आई है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि कनेरा पुलिस ने बच्ची का मेडिकल करवा कर उसकी रिपोर्ट तैयार की है। मासूम को एनआईसीयू में बच्चे को रखा गया है। अध्यक्ष दशोरा ने बताया कि बच्ची के शरीर में साधारण सी चोटें आई हैं इसलिए उसे कुछ दिनों तक NICU में ही रखा जाएगा ताकि डॉक्टर उसके पूर्ण उपचार कर सके। उसके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही उसे शिशु गृह में लिया जाएगा। अज्ञात मां-बाप के खिलाफ कनेरा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

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