मंत्रोच्चार व जयकारों के बीच बाबूगिरी महाराज बने महामंडलेश्वर

निरंजनी अखाड़े के सानिध्य में भव्य पट्टाभिषेक, संतों-भक्तों ने चादर ओढ़ाकर किया अभिनंदन

भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी)
स्मार्ट हलचल|संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज का सोमवार को आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा पांडाल में भव्य पट्टाभिषेक कर उन्हें निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच संपन्न इस गरिमामय समारोह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महंतों की उपस्थिति रही। पट्टाभिषेक की विधि पंडितों द्वारा वैदिक रीति से संपन्न कराई गई, जिसके बाद बाबूगिरी महाराज ने वरिष्ठ संतों से आशीर्वाद लिया। निरंजनी अखाड़े की ओर से उन्हें चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, वहीं विभिन्न संतों व श्रद्धालुओं ने भी अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संतों ने बाबूगिरी महाराज को धर्म व समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान बताते हुए इस पद को बड़ी जिम्मेदारी बताया।
इसी आयोजन के तहत संत-महात्माओं के लिए भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 200 से अधिक संत शामिल हुए। भंडारे में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी पहुंचे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

ऒर व्यवस्थाओं पर सवाल:-
वहीं दूसरी ओर कथा पंडाल में उमड़ी भारी भीड़ के चलते आम श्रद्धालुओं को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल सका। वीआईपी व्यवस्था के कारण कई लोग खड़े-खड़े ही कथा सुनने को मजबूर हुए। एक महिला श्रद्धालु पूरे समय खड़े होकर कथा श्रवण करती नजर आई, जो सच्ची भक्ति का उदाहरण बनी, लेकिन व्यवस्थाओं पर सवाल भी खड़े कर गई।