(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
गोरखपुर।स्मार्ट हलचल|भीषण शीतलहर के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर दौरे के दौरान मानवीय सरोकारों के साथ बरगदवा और राप्तीनगर स्थित अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में ठहरे जरूरतमंदों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। लोगों ने ठंड से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के भीतर और बाहर मौजूद जरूरतमंदों में अपने हाथों से कंबल और भोजन का वितरण किया। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में कोई भी व्यक्ति खुले में, फुटपाथ या रेलवे पटरियों पर सोने को मजबूर न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन, नगर निगम और नगर निकायों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है, उन्हें सम्मानजनक तरीके से रैन बसेरों में ठहराया जाए और वहां सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि शीतलहर से बचाव के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है, ताकि कंबल वितरण, अलाव और रैन बसेरों के संचालन में कोई कमी न रहे।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश भीषण शीतलहर की चपेट में है। ऐसे में सरकार ने राहत और बचाव के कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए हैं। हर जिले में बड़ी संख्या में रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं, जरूरतमंदों में कंबल और ऊनी वस्त्र बांटे जा रहे हैं तथा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर महानगर में इस समय 19 रैन बसेरे संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब एक हजार जरूरतमंदों के ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की गई है। ये सभी रैन बसेरे सुरक्षित हैं और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर की तरह ही प्रदेश के सभी महानगरों और जनपदों में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फुटपाथ या खुले में सोते हुए किसी भी व्यक्ति को देखा जाए तो उसे तुरंत रैन बसेरे तक पहुंचाया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक कर्तव्य भी है।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संगठनों और धर्मार्थ संस्थाओं से भी अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें। उन्होंने कहा कि कंबल और ऊनी वस्त्रों का वितरण पुण्य का कार्य है और समाज के सक्षम लोगों को इसमें सहभागिता करनी चाहिए।
रैन बसेरों के निरीक्षण और कंबल वितरण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता सहित स्थानीय पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में भरोसा दिलाया कि शीतलहर के पूरे दौर में राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे और प्रदेश सरकार हर जरूरतमंद के साथ मजबूती से खड़ी है।


