एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने मेड़ता के निकटवर्ती रियांबड़ी क्षेत्र का व्यापक दौरा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दौरे की शुरुआत ग्राम भंवाल से हुई, जहां कलेक्टर ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कॉम्पोनेन्ट-सी के तहत स्थापित किए जा रहे सोलर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य की गति और किसानों को मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भंवाल में ही कलेक्टर ने जल संरक्षण के लिए निर्मित फार्म पोंड (खेत तलाई) का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसे कार्य भविष्य में जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसके बाद उन्होंने ग्राम के उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे के अगले चरण में कलेक्टर देवेंद्र कुमार ग्राम पादुखुर्द पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में निर्मित पुस्तकालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
पादुखुर्द में ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत कर योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी तथा अधिकारियों को पात्र परिवारों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत निर्मित जल संग्रहण टांकों का निरीक्षण कर उनकी उपयोगिता, जल आवक की स्थिति तथा संरचनाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
ग्राम सथाना कला में कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा किए गए पौधरोपण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और रखरखाव की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का जीवित रहना और उनका संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों और आमजन को मिलकर प्रयास करने होंगे।
दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर ग्राम टेहला पहुंचे, जहां उन्होंने बिजली विभाग की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत चल रहे फीडर सेग्रिगेशन कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि योजना के तहत घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग विद्युत आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगी।
कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों को कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय पर पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीण विकास की आधारशिला है और इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर रियांबड़ी उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर के इस दौरे को ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
