पेयजल संकट से आमजन त्रस्त, भजनलाल सरकार जनराहत के मोर्चे पर विफल : भगोरा,Common people suffering from water crisis
– पूर्व सांसद ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र में टैंकरों से पानी आपूर्ति की मांग
– वागड़ को सुखाग्रस्त घोषित करें राज्य सरकार, शुरू करें अकाल राहत कार्य
रितिक मेहता
डूंगरपुर, स्मार्ट हलचल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने मंगलवार को जारी वक्तव्य में कहा है कि पिछले तीन साल से पर्याप्त बारिश नहीं होने से इस साल पेयजल संकट गहरा गया है, पानी किल्लत की भयावह तस्वीर सबके सामने है। आमजन ही नहीं मवेशी भी पानी के लिए भटक रहे है। लोग टैंकरों से पानी खरीदने विवश हो गए है, लेकिन प्रदेश की भजनलाल सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। भगोरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश और वागड़ अंचल में पानी के लिए लोग त्राहि त्राहि कर रहे है, लेकिन प्रदेश की भाजपा जनराहत के मोर्चे पर विफल हो गई है।
भगोरा ने कहा कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के जनराहत कार्यो को रेवडिया बताने वाली भाजपा की भजनलाल सरकार राहत बांट नहीं पा रही है। बिजली की अघोषित कटौती और पेयजल संकट की भयावह तस्वीर भाजपा सरकार की रीति और नीति की पोल खोल रही है। प्रदेश की जनता में मौजूदा सरकार के खिलाफ आक्रोश पसर रहा है।
भगोरा ने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रदेश और वागड़ के लोगों को कभी पेयजल संकट का अहसास नहीं होने दिया गया। डूंगरपुर शहर में ७२ घंटो में आमजन को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों पर शासन-प्रशासन का नियंत्रण नहीं रहा है। गांव-ढ़ाणी तक हैंडपंप सुख चुके है, बोरवेल हवा फेंक रहे है, नलों मेंं पानी की बुंद नहीं है, लेकिन सरकार की ओर से टैंकर के प्रबंध अब तक नहीं किए गए है। भगोरा ने कहा कि मौजूदा भजनलाल सरकार पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की राहत की नीतियों से सीख लें और तत्काल वागड़ और प्रदेशवासियों को राहत दें।
भगोरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में राहत बंद हो चुकी है। ना तो पानी मिल रहा है और ना ही अस्पताल में दवाईयां। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना शुरू कर चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान को रोल मॉडल बनाया था, लेकिन प्रदेश की सत्ता में काबिज होते ही भाजपा ने कांग्रेस राज की राहत वाली योजनाओं को बंद कर दिया या कमजोर कर दिया। आज जनजाति वर्ग के लोगों को अस्पताल में नि:शुल्क जांच, दवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जांच और दवाई बाहर निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। भगोरा ने कहा कि कांग्रेस राज में फ्री बिजली और भरपुर बिजली मिल रही थी, लेकिन इस भाजपा के राज में अब सुबह, दोपहर, शाम और रात को अघोषित बिजली कटौती की परंपरा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी के बावजूद कांग्रेस राज में २२ घंटे बिजली दी जाती थी। अब दिनभर में आठ से दस घंटे बिजली भी ग्रामीणों को नसीब नहीं है। भगोरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव चल रहे है, अबकि बार ४०० पार का नारा देने वाले जनराहत को प्राथमिकता देते हुए पेयजल का प्रबंध कराएं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिला मुख्यालय सहित ग्राम्यांचलो में टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू कराई जाएं। सोम कमला आंबा से मिल रहे पानी की आपूर्ति का कुशल प्रबंधन तय हो ताकि शहरवासियों को राहत मिल सकें। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि वागड़ क्षेत्र को सुखाग्रस्त घोषित कर अकाल राहत कार्य शुरू कराएं जाएं।













