गुस्साए ग्रामीणों एवं विद्यालय के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में धरना देकर शिक्षिका अंशु बाला को विद्यालय में स्थायी रूप से पदस्थापित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार डेपुटेशन किए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जो आगामी परीक्षाओं के हित में गलत है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के इस निर्णय को गलत बताते हुए आदेश को निरस्त करने की मांग की। धरने में शामिल शंभू जी, देवकिशन जी, रघुनाथ जी, चौगा जी, नंदलाल जी धाकड़ सहित अन्य लोगों ने कहा कि संस्था प्रधान के बार-बार स्थानांतरण से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


