सी पी गोयल
बारां 11 जनवरी। स्मार्ट हलचल|कांग्रेस के बारां नगर प्रषान्त भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन के तहत आज रविवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सम्मुख एक दिवसीय उपवास रखा जाकर धरना दिया गया जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों आदि ने भाग लिया। जिनके द्वारा सर्वप्रथम महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
विधायक अन्ता प्रमोद जैन भाया ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (मनरेगा) जिसे वर्ष 2005 मंे यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, एक अधिकार आधारित कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मजदूरी रोजगार की मांग करने का वैधानिक अधिकार देता है। कानून के तहत राज्य सरकार 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देय होता है। यही वैधानिक गारण्टी मनरेगा की मूल और परिभाषित विषेषता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ रही है। यह योजना प्रतिवर्ष 5-6 करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाती है और मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करती है, ग्रामीण मजदूरी बढाती है और टिकाऊ सामुदायिक परिसम्पत्तियों का निर्माण करती है। ।
जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने कहा कि केन्द्र सरकार की नीति से बजट का सीमित आंवटन, कृषि के चरम मौसम में कार्य पर प्रतिबन्ध और मजदूरी सुरक्षा प्रावधानों का कमजोर होना अनिवार्य रूप से रोजगार में कमी, मजदूरों का दमन और ग्रामीण संकट में वृद्वि का कारण बनेगा। कार्यक्रम से महात्मा गांधी के नाम को हटाया जाना भी श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के उन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास दर्षाता है जिन पर मनरेगा आधारित है।


