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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अपने सिम्बोल को आस्तिन में छुपा रखना पड़ा,Congress State President Symbol

– बीएपी अभी तक भाजपा-कांग्रेस को मिलभगत बताकर आदिवासी को भडकाते थे, अब खुद कांग्रेस का समर्थन ले रहे

रितिक मेहता
डूंगरपुर, स्मार्ट हलचल। भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन रखा। पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा, सभापति अमृत कलासुआ ने प्रेस को संबोधित करते हुए भाजपा के जीत की सुनिश्चिता की बात दोहराई। पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा ने जमकर कांगे्रस और बीएपी पर प्रहार किया। उन्होंने कहा की कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटारसा ने कुंआ में जनसभा की। मौके पर अपना सिम्बोल बताने की हिम्मत नही थी। उसे अपनी आस्तिन से बाहर नही निकाल सके। उन्होंने कहा की बीटीपी के नेता पहले कहते थे देश की आजादी के बाद कांग्रेस-भाजपा ने आदिवासी का कोई विकास नही किया। अब वही बीटीपी के नेता बीएपी में कांग्रेस का समर्थन ले रहे है। अब विकास की बात कहा भूल गए। उन्होंने कहा की राज्य की कांग्रेस सरकार अल्पमत में थी तो दोनो बीटीपी नेता 15 सुत्री मांग पत्र लेकर गए थे। समर्थन देने के बाद मांग पत्र पर चर्चा करना भूल गए। उन्होंने कहा की आदिवासी के नाम पर लोगों को गुमराह करते है। देश की राष्ट्रपति उम्मीदवार आदिवासी महिला बनी थी तो वोट डालने नही गए थे। उन्होंने कहा की देश में विकास का कार्य नरेंद्र मोदी कर सकते है। 2014 से पहले देश की 40 प्रतिशत आबादी अंधेरे में थी। टीएसपी क्षैत्र में कई गांव अंधेरे में थे। मोदी के प्रयास से आज गांवों में 100 फिसदी बिजली पहुंच गई है। उन्होंने कहा की कांग्रेस ने 48 साल तक देश के जनजाति वर्ग के लिए कुछ नही किया। अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने 1999 में जनजाति आयोग बनाया। वही 2003 में जनजाति मंत्रालय बनाया। भाजपा से भेरोसिंह शेखावत सरकार ने पंचायतीराज में 100 फिसदी आरक्षण आदिवासी को दिया। आज आदिवासी युवा को गुमराह किया जा रहा है। फेज 1 से 6 तक आदिवासी को 45 प्रतिशत आरक्षण भाजपा की देन है। इसके अलावा फेज 6 से 9 में भी आरक्षण भाजपा ने दिया है। आज जिलेभर में आदिवासी आरक्षण के कारण यहां से युवा डाक्टर, इंजीनियर बन रहे है। इस अवसर पर सभापति अमृत कलासुआ सहित वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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