अविनाश मीणा
घाड़ (देवली), टॉक|स्मार्ट हलचल|चारनेट के प्रसिद्ध दर्रा स्थल पर शुक्रवार को श्री दर्रा बालाजी महाराज के भव्य मंदिर निर्माण का शिलान्यास संपन्न हुआ। लगभग 2 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल पुरानी स्कूल भवन स्थित श्री रामदेव जी मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। डीजे की भक्ति धुनों और जयकारों के बीच शोभायात्रा मुख्य बाजार से होते हुए मंदिर प्रांगण पहुंची। यजमान को घोड़ी पर विराजित कर गाजे-बाजे के साथ कार्यक्रम स्थल तक लाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय हो गया।
मंदिर की नींव का पावन पत्थर गुराई निवासी आचार्य पंडित ब्रजमोहन शर्मा के सान्निध्य में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ ‘अग्नि कोण’ में स्थापित किया गया। शास्त्रानुसार इस दिशा में नींव स्थापना को अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस दौरान भक्तों ने अपने घरों से लाई गई पवित्र मिट्टी, ईंट और पत्थर नींव में अर्पित कर इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता निभाई।
आस्था के इस महोत्सव में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। मंदिर निर्माण के लिए एक भक्त द्वारा ₹11 लाख का गुप्त दान दिया गया। वहीं, नींव में पवित्र पत्थर स्थापित करने का सौभाग्य ₹2,11,000 की सर्वोच्च बोली लगाकर ग्राम कोटड़ा निवासी बसंत चौधरी ने प्राप्त किया।
अन्य प्रमुख दानदाताओं में बजरंग लाल (बासेड़ा) एवं साथी ने ₹51,000, रामप्रसाद जाट (खातीपुरा) ने ₹11,000, शिव शक्ति परिवार (साखणा) ने ₹10,000, मोहन लाल मीणा (चारनेट) ने ₹16,000 और ताराचंद विजयवर्गीय (टोंक) ने ₹15,000 का दान दिया।
समिति के सचिव लड्डू लाल मीणा ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर चारनेट के प्रत्येक घर में लड्डू बांटकर प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर निर्माण का संकल्प समस्त ग्रामवासियों और आस-पास के क्षेत्रों के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
इस धार्मिक आयोजन में चारनेट सहित गैरोटी, कोटड़ा, बहलडी, अगरिया, इन्दौदा, केदारा, पालगंज और नानकपुरा के सकल पंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। भविष्य में यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
