एक ही मकान में दर्ज मिले कई-कई मतदाताओं के नाम, लोगों ने एसडीएम से की पुनर्निरीक्षण और सत्यापन की मांग; दोषी बीएलओ पर कार्रवाई की उठाई मांग
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही मतदाता सूचियों को लेकर विरोध के स्वर भी सामने आने लगे हैं। इसी क्रम में सोमवार को भीलवाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर वार्ड नंबर 68 के मतदाताओं और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बीएलओ पर मतदाता सूची से स्थानीय निवासियों के नाम हटाने और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने का आरोप लगाया।प्रदर्शन के बाद स्थानीय लोगों ने उपखंड अधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची का पुनरीक्षण और सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
स्थानीय निवासी कुलदीप व्यास ने बताया कि वार्ड नंबर 68 की मतदाता सूचियों में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भाग संख्या-1 में मकान नंबर 116 पर 25 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जबकि उनके अनुसार इतनी संख्या में मतदाताओं का एक ही मकान में दर्ज होना संदिग्ध है।
उन्होंने मकान नंबर 232 का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 16 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। उनका आरोप है कि एक ही मकान नंबर पर अलग-अलग परिवारों के नाम दर्ज किए गए हैं। वहीं, वार्ड में निवास करने वाले कुछ परिवारों के सात सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया।
व्यास ने आरोप लगाया कि कुछ मतदाताओं के नाम एक ही सूची में दो-दो बार दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि पूरी मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कराया जाए और प्रत्येक संदिग्ध नाम का सत्यापन किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वार्ड में करीब 600 से 800 संदिग्ध वोट हो सकते हैं, जिनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब ढाई महीने पहले जारी सूची में वार्ड में लगभग 3200 मतदाता थे, जबकि आगामी सूची में यह संख्या करीब 4500 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की कि पिछले दो महीनों में जो 800 से 1000 नए नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, उनका अनिवार्य रूप से पुनरीक्षण और सत्यापन कराया जाए। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची प्रकाशित हो सके।
