(बजरंग आचार्य)
स्मार्ट हलचल| ग्राम पंचायत ग्वालीसर में वार्डों के नए परिसीमन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। प्रशासन द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए गए बदलावों के खिलाफ ग्रामीणों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि बिना किसी ग्राम सभा या स्थानीय सहमति के, बंद कमरों में बैठकर मनमाने ढंग से वार्डों का भूगोल बदल दिया गया है।
नियमों की अनदेखी और घर के भीतर ‘बंटवारा’
ग्रामीणों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि वार्डों का गठन ‘उत्तर से पश्चिम’ की दिशा में क्रमानुसार होना चाहिए, लेकिन ग्वालीसर में इस नियम की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। प्रशासनिक लापरवाही का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग वार्डों में बांट दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि नई व्यवस्था के कारण अब एक ही घर में पिता किसी और वार्ड का मतदाता होगा और पुत्र किसी और वार्ड का। इस विसंगति ने ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
SDM को सौंपा ज्ञापन: पुनरीक्षण की मांग
परिसीमन की इस मनमानी के विरोध में बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट मांग की है कि वर्तमान में किए गए वार्डों के पुनर्गठन का तुरंत दोबारा निरीक्षण किया जाए और नियमों के विरुद्ध किए गए सभी बदलावों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने प्रशासन को चेताया है कि परिसीमन की प्रक्रिया में स्थानीय भूगोल और ग्रामीणों की सहमति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यह नया परिसीमन जनता की सुविधा के बजाय उन्हें मानसिक और प्रशासनिक तौर पर परेशान करने वाला है। यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी वाजिब मांगों पर विचार नहीं किया और वार्डों का दोबारा न्यायसंगत निर्धारण नहीं हुआ, तो समस्त ग्रामवासी लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर वरिष्ठ नेता सतवीर सिंह पूनिया, जिला परिषद सदस्य जगदीश साहरण, आदराम पूनिया, भागीरथ, काशीराम, मानसिंह,सत्यवान, विकास,महेंद्र, बलवान आदि ग्रामीण मौजूद थे।













