सादुलपुर:-(बजरंग आचार्य)
स्मार्ट हलचल| सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र के भीमसाना गांव में निर्माणाधीन बांध में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश गहराता जा रहा है। मंगलवार को पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया धरना स्थल पर पहुंचीं और ग्रामीणों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन और वर्तमान सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया।
”भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने देंगे 26 गांवों की प्यास”
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्णा पूनिया ने कहा कि भीमसाना बांध पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत किया गया था, जो क्षेत्र के 26 गांवों के लिए पेयजल का मुख्य आधार है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “ग्रामीणों के पीने के पानी के स्रोत के साथ खिलवाड़ कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। बांध के निर्माण में जिस तरह की घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, वह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का प्रमाण है। हम इस बांध को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने देंगे।”
भाजपा सरकार पर बोला हमला
पूर्व विधायक ने प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के दो साल बीत जाने के बाद भी विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राजगढ़ सहित पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और आने वाले पंचायत चुनावों में वह सरकार को इसका करारा सबक सिखाएगी।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघर्ष समिति ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
इनकी रही उपस्थिति:
इस अवसर पर महेंद्र सहारण, जयप्रकाश दलाल, राधेश्याम शर्मा, करतार टांडी, सुनील, सुरेश कुमार, धर्मवीर सिहाग सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।













