सूरौठ। स्मार्ट हलचल| गांव जटनंगला स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में सीपीआर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर आशीष शर्मा, नर्सिंग अधिकारी धनराज अवस्थी एवं उनकी टीम ने सीपीआर का लाइव प्रशिक्षण देते हुए छात्रों एवं स्टाफ को इसके महत्व को समझाया तथा प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डॉ शर्मा ने बताया की देश में अचानक हृदय गति रुकने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है तथा इस तरह की घटनाएं युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। पूरे वर्ष में लगभग 7 लाख लोग इससे प्रभावित होते हैं और अधिकांशतः उचित इलाज न मिलने की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है।
मानव मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति रुक जाने पर कुछ ही समय में वह मृत हो जाता है। इस समय रक्त आपूर्ति बनाए रखने हेतु सीपीआर की आवश्यकता होती हैl
सीपीआर देने से पूर्व यह सुनिश्चित करना आवश्यक होता है कि व्यक्ति चैतन्य नहीं है, उसकी सांस नहीं चल रही है तथा उसकी हृदय गति रुकी हुई है। यह सुनिश्चित करने के बाद बिना समय व्यतीत किये तुरंत सीपीआर देना शुरू करना चाहिए जिससे व्यक्ति की जान बचाने की संभावना तीन गुना बढ़ जाती है। इस अवसर पर सीपीआर को देने की उचित विधि इसके दौरान रखने वाली सावधानियां तथा सीपीआर के बाद की जाने वाली देखभाल के बारे में चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ इस सत्र में भाग लिया। विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुलश्रेष्ठ ने इस आयोजन का महत्व बताते हुए पूरी टीम का धन्यवाद किया।


