रायपुर 9 सितंबर । राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत राजकीय महाविद्यालय रायपुर में साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय साक्षरता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रभारी राकेश कुमार गोरा ने साइबर क्राइम से बचने के उपाय बताते हुए अपने ऑनलाइन डेटाबेस की सुरक्षा करने के आवश्यक जरूरी उपायों के बारे में जानकारी दी। ऑनलाइन डेटा को स्वर्ण बताते हुए सुरक्षात्मक एवं सुझावात्मक निर्देश प्रदान किये। अर्थशास्त्रज्ञ प्रकाश बुनकर ने वित्तीय साक्षरता के बारे में बताते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता का अर्थ है – धन के सही ढंग से उपयोग को समझने की क्षमता। दूसरे शब्दों में इसका मतलब किसी व्यक्ति में मौजूद कुछ कौशलों तथा ज्ञान से है जिनके बल पर वह सोच समझकर प्रभावशाली निर्णय ले पाता है। विभिन्न देशों में वित्तीय साक्षरता की स्थिति अलग-अलग है। वित्तीय शिक्षा की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि अब समय बदल चुका है, अमीर और अमीर होता जा रहा है किन्तु मध्यम वर्ग और गरीब होता जा रहा है, हमारी वित्तीय समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, किन्तु कहीं भी इस समस्या का कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है l सिर्फ यही नहीं वित्तीय समस्या के कारण ही समाज में गरीबी, घरेलू हिंसा, अपराध एवं भ्रष्टाचार आदि असामाजिक समस्याएं भयानक रूप लेती जा रही हैं, जिससे हमारा जीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है l अतः वित्तीय साक्षरता का प्रचार प्रसार करने की माहती आवश्यकता है। इस कार्यशाला में स्थानीय महाविद्यालय के कार्मिकों सहित विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। भूगोलविद् राजू लाल कुमावत ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।













