अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|नागौर जिले के बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड में न्यायालय द्वारा सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद पीड़ित परिवारों और समाज में गहरा असंतोष है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति (एससी) विभाग ब्यावर और पीड़ित परिवार ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) ब्रह्मा लाल जाट को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि राज्य सरकार और सीबीआई न्यायालय के इस फैसले का विधिक परीक्षण कराकर अविलंब सक्षम उच्च न्यायालय में प्रभावी अपील दायर करें। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब न्यायिक प्रक्रिया में 5 दलितों सहित 6 लोगों की निर्मम हत्या होना सिद्ध हो चुका है, तो फिर इन निर्दोषों का हत्यारा कौन है?
प्रमुख मांगें:
उच्च न्यायालय में अपील: फैसले के खिलाफ तुरंत उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाए।
जांच एवं अभियोजन की समीक्षा: सीबीआई जांच और अभियोजन पक्ष की कमियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे आरोपी बरी हुए।
सुरक्षा और मुआवजा: पीड़ित परिवारों को भयमुक्त माहौल देने के लिए सुरक्षा प्रदान की जाए और नियमानुसार त्वरित उचित मुआवजा दिया जाए।
इस अवसर पर ब्यावर विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी पारस पंच, मनोज चौहान, एससी विभाग जिलाध्यक्ष बिरदी चंद खोरवाल, सेवादल जिलाध्यक्ष विक्रम सोनी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सांखला सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक यह संघर्ष संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा।
