बेमौसम बारिश बनी काल-11 वर्षीय मासूम की पानी के टैंक में गिरने से मौत

शिवराज बारवाल मीना
टोंक / उनियारा।स्मार्ट हलचल|उनियारा कस्बे में सोमवार शाम अचानक बदले मौसम ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। करीब शाम 4 बजे आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें 11 वर्षीय बालक बुद्धि प्रकाश सेन की पडौस में पानी के टैंक (होद) में गिरने से मौत हो गई।
*कैसे हुआ हादसा?*
उनियारा में नैनवां रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के सामने गली में तेज तूफान और बारिश के चलते हालात बिगड़ गए थे। इसी दौरान बालक बुद्धि प्रकाश सेन, जो पास में पड़े गोबर के कंडों (छेना) को बारिश से बचाने के लिए ढकने गया था, अचानक पैर फिसलने से पडौस में खुले पानी के टैंक (होद) में गिर गया। टैंक को पडौसी द्वारा केवल फंटा-बल्ली से ढका गया था, जो हादसे को रोकने में नाकाफी साबित हुआ।
*रातभर तलाश के बाद मिला शव*
भारी बारिश के कारण जब बालक काफी देर तक घर नहीं लौटा तो परिजनों और मोहल्लेवासियों ने उसकी तलाश शुरू की। रात के समय पडौस में पानी टैंक के पास उसकी चप्पल दिखाई दी, जिससे परिजनों का शक गहराया। जब पानी के टैंक में खोजबीन की गई तो बालक अंदर मृत अवस्था में मिला।
*परिवार की स्थिति बेहद मार्मिक*
मृतक बुद्धि प्रकाश सेन कक्षा 5वीं का छात्र था और हाल ही में उसने 5वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय, उनियारा में पढ़ता था। पिता रिंकू सेन मानसिक रूप से कमजोर हैं, बालक की परवरिश उसके ताऊ (बड़े पिता) हरकेश सेन कर रहे थे। मां बचपन में ही उसे छोड़कर चली गई थी। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
*प्रशासन व समाज के लिए चेतावनी*
यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है- खुले या असुरक्षित पानी के टैंक, बारिश में सुरक्षा उपायों की कमी, बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही।
*जरूरी सावधानियां*
पानी के होद / खुले टैंकों को मजबूत ढक्कन से बंद किया जाए, बरसात के समय बच्चों को अकेला न छोड़ा जाए, खतरनाक स्थानों पर कड़ी सुरक्षा या चेतावनी संकेत लगाए जाएं। एक मासूम की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार का दर्द है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ी सीख भी हैं।