सत्यनारायण सेन
गुरला
स्मार्ट हलचल|गुरला भीलवाडा जलझूलनी एकादशी के महाउत्सव पर गुरला कस्बे में तब आस्था का चरम रूप देखने को मिला, जब कस्बे के आठ प्रमुख मंदिरों के ठाकुर जी एक साथ नगर भ्रमण पर निकले। इस दौरान पूरा माहौल अबीर और गुलाल के सतरंगी बादलों से सराबोर हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भाद्रपद के महीने में ब्रज की जीवंत होली उतर आई हो।आठ विमानों का महामिलन और गुलाल की वर्षा दोपहर बाद जैसे ही अलग-अलग देवस्थानों से ठाकुर जी के सुसज्जित बैवाण (विमान) रवाना हुए, वे कस्बे के मुख्य चौराहे पर आकर आपस में मिले।
सतरंगी छटाः
इस आठ मन्दिरों के ठाकुर जी और सालिग्राम के’महामिलन’ के दौरान श्रद्धालुओं और पुजारियों ने ठाकुर जी के चरणों में गुलाल अर्पित की और हवा में अबीर उड़ाया।
*भक्तों का उत्साह*
देखते ही देखते सभी आठों राम रेवाड़ियों के साथ-साथ वहाँ मौजूद हज़ारों श्रद्धालु भी पूरी तरह गुलाल से सराबोर हो गए।
महाआरती के बाद हुआ जलविहार
गुलाल की मस्ती में डूबा यह भव्य लवाजमा नाचते-गाते हुए गुरलां कस्बे के पवित्र जलाशय रणजीत सागर तालाब के घाट पर पहुँचा। यहाँ सभी आठों पालकियों को कतारबद्ध तरीके से विराजित किया गया। पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच भगवान शालिग्राम जी को पवित्र जल से स्नान (जलविहार) कराया गया। इसके बाद ठाकुर जी को विशेष भोग लगाकर महाआरती की गई, जिसमें पूरा गुरला क्षेत्र “जय चारभुज नाथ की” के जयकारों से गूंज उठा।