बिन्टु कुमार
नारायणपुर | स्मार्ट हलचल|कस्बे में एडवोकेट समीक गंगावत के सानिध्य में उपखंड स्तर पर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोले जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। तहसील कार्यालय के सामने चल रहे धरने के दूसरे दिन अभिभाषक संघ, डीड राइटर और स्टाम्प वेंडरों ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अपनी बाइकों पर मांग से संबंधित तख्तियां लगाकर तहसील कार्यालय से मुख्य बाजार तक बाइक रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। एडवोकेट समीक गंगावत ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार नारायणपुर में सिविल न्यायालय खोलने का निर्णय नहीं लेती, तब तक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने बताया कि वे इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक देवीसिंह शेखावत और मुख्यमंत्री के नाम पहले भी ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। न्यायालय के अभाव में स्थानीय पक्षकारों को न्यायिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि यह स्थिति सरकार की सस्ती, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की मंशा के विपरीत है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एडवोकेट रविंद्र शर्मा, रामकृष्ण चोपड़ा, लक्ष्मण प्रसाद दर्जी, तरुण तिवाड़ी, राहुल टेलर, कमलेश चौहान, रणजीत यादव, कैलाश चंद, श्योराम, मारुति प्रजापत, अर्जुन, राजेंद्र चोपड़ा, नरेंद्र शर्मा, सचिन गुर्जर, दाताराम सैनी और सुभाष प्रजापत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
