विधायक आक्या ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से की दुर्ग पर विकास कार्यो की मांग

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग में विभिन्न विकास कार्य कराये जाने की भारत सरकार से मांग की है।विधायक आक्या ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर चित्तौड़गढ़ दुर्ग को विकसित किये जाने की मांग करते हुए बताया की चित्तौड़गढ़ दुर्ग अपनी स्थापत्य कला, गौरवशाली इतिहास के लिए विश्व विख्यात है। इस दुर्ग को 7 वीं शताब्दी में मौर्य शासको द्वारा बनवाया गया था। 700 एकड़ में फेले इस दुर्ग को गढ़ो का सिरमौर कहा जाता है। यह मेवाड़ की वीरता और त्याग का प्रतीक है। 2013 में चित्तौड़गढ़ दुर्ग को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। इस दुर्ग को देखने के लिए प्रतिवर्ष देश विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक आते है। इस ऐतिहासिक धरोहर पर पर्यटको की सुविधा को देखते हुए कुछ प्रमुख कार्यों को किया जाना नितांत आवश्यक है। इन कार्यो के तहत चित्तौड़गढ़ दूर्ग पर आवागमन के लिए एक ही मार्ग होने एवं इस मार्ग पर सकरे द्वार होने से एक बार में एक ही वाहन आ जा सकता है। इस वजह से अनेक बार पर्यटक घण्टों वाहनों के जाम में फसे रहते है। आये दिन लगने वाले जाम की वजह से अनेक बार पर्यटक दूर्ग पर भ्रमण ही नहीं कर पाते है। इस समस्या के निराकरण हेतु दूर्ग पर स्थित सुरजपोल द्वार को आवागमन के रूप में विकसित किया जाए।
विधायक आक्या ने बताया की चित्तौड़गढ़ दूर्ग पर पर्यटको की भागीदारी बढ़ाने हेतु अत्याधुनिक सुविधाओ युक्त ओरिएंटेशन गैलेरी, प्रदर्शनी स्थल, कैफेटेरिया की महती आवश्यकता है। इन सुविधाओ के अभाव में पर्यटको को परेशानियो का सामना करना पड़ता है। दुर्ग पर मल्टीमीडिया सुविधाओ में विस्तार करते हुए डिजीटल इमर्सिव थिएटर स्थापित किये जाने की आवश्यकता है। इसके माध्यम से दुर्ग को ऐतिहासिक परिदृश्य को बाधित किए बिना प्राचीन काल की सांस्कृतिक पहचान को पर्यटको के सामने जीवन्त प्रस्तुत किया जा सकेगा।
विधायक आक्या ने केेंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर बताया की दुर्ग पर प्रमुख पुरातात्विक वस्तुओ को प्रदर्शित करता हुआ द्वि/त्रि भाषी डिजीटल सूचना बोर्ड लगाया जाने की आवश्यकता है। दुर्ग की कहानियों को बया करने वाली मूर्तिकलां स्थापित किये जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। चित्तौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास को जीवन्त रखने के लिए मेवाड़ के महान शासकों व वीर-वीरांगनाओं की आदमकद प्रतिमाओं का निर्माण करवाया जावें। चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर होटल के अभाव में पर्यटको का रात्री ठहराव नही हो पाता हेै। अतः दुर्ग पर तीन सितारा/पांच सितारा होटल खोला जाना आवश्यक है।
विधायक आक्या ने अपने लिखे पत्र में बताया कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग को ऐसे गतिशील, आकर्षक और शैक्षिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता हो।