पहली को रखैल बना कर रखा अब दूसरी शादी,धमकियां और आपराधिक साम्राज्य!

देवरिया के युवती की पुकार अब गोरखपुर तक पहुंची!

देवरिया। स्मार्ट हलचल|जिले के मईल थाना क्षेत्र के नरसिंहडाड़ गांव से उठी एक युवती की दर्दभरी आवाज अब सीएम योगी के गोरखपुर तक पहुंच चुकी है। सात-आठ वर्षों तक साथ रखने के बाद दूसरी शादी कर युवती को बेसहारा छोड़ देने का आरोप झेल रहे प्रवीण यादव और उसके परिवार पर अब गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़िता न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रही है, जबकि आरोपितों पर धमकी देने और दबाव बनाने के आरोप भी लग रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गोरखपुर के शाहपुर थाना में वर्ष 2026 की प्राथमिकी संख्या 0146 दर्ज की गई है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115(2), 69, 352 और 351(3) के तहत दर्ज बताया जा रहा है। एफआईआर 12 अप्रैल 2026 को दर्ज हुई, जिसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें प्रवीण यादव, राजेश यादव, भीष्म नारायण यादव उर्फ बुलबुल यादव, सतराज यादव उर्फ गोलू और विष्णु नारायण यादव उर्फ बंटी शामिल बताए गए हैं। सभी का संबंध देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के नरसिंहडाड़ गांव से बताया जा रहा है।

पीड़िता का आरोप है कि गांव निवासी प्रवीण कुमार यादव कई वर्ष पहले उसे अपने साथ भगा ले गया था। लंबे समय तक साथ रखने के बाद अब उसने दूसरी शादी कर ली और पहली युवती को अकेला छोड़ दिया। युवती का कहना है कि उसने रिश्ते पर भरोसा कर अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, लेकिन अब उसे केवल धोखा और प्रताड़ना मिल रही है।मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब आरोपित परिवार का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया। क्षेत्र में इस परिवार की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है कि गांव और आसपास के लोग खुलकर गवाही देने से डर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पीड़िता के ससुराल वालों पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट और धमकी जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। मऊ और देवरिया के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ वर्षों से संगीन धाराओं में मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। 302,307 जैसी गंभीर धाराओं वाले मामलों में भी जुड़ चुका है। वहीं भीष्मपाल और अन्य आरोपितों पर भी मारपीट, हमला और धमकी से जुड़े मामलों का उल्लेख सामने आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में वर्षों से दबंगई का माहौल बना हुआ है। लोग सब कुछ जानते हैं, लेकिन भय के कारण खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। यही वजह है कि पीड़िता को खुलकर समर्थन भी नहीं मिल पा रहा।

पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उसने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। अब यह मामला केवल एक युवती के साथ धोखे का नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और दबंगई के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों और लंबे आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद आरोपितों पर सख्त कार्रवाई कब होगी।फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना होगा कि पीड़िता को इंसाफ मिलता है या फिर दबंगों के खौफ में एक और आवाज दबकर रह जाएगी?