महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, हाल ही में हुई मारपीट की घटना का भी दिया हवाला
दिलखुश मोटीस
सावर (अजमेर)@स्मार्ट हलचल।ग्राम पंचायत आमली के गांव मेहरूखुर्द एवं आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी सावर को ज्ञापन सौंपकर वर्षों से संचालित अवैध शराब ब्रांच को तत्काल बंद कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अवैध शराब ब्रांच के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि मेहरूखुर्द में लंबे समय से संचालित कथित अवैध शराब ब्रांच के कारण पूरे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। यहां दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं, छात्राओं, राहगीरों एवं आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज, मारपीट, झगड़े और अन्य असामाजिक गतिविधियां होती रहती हैं, जिससे गांव का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि समूह संख्या 283 के अंतर्गत आमली एवं गोरधा ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए केवल एक वैध शराब दुकान स्वीकृत है। इसके बावजूद मेहरूखुर्द में कथित रूप से अवैध शराब ब्रांच संचालित होना आबकारी नियमों का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब यहां किसी वैध शराब दुकान की स्वीकृति नहीं है तो आखिर यह कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह अवैध शराब ब्रांच चार रास्तों के संगम (क्रॉसिंग) के निकट स्थित है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। नशे में धुत लोगों के कारण सड़क पर अव्यवस्था का माहौल रहता है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं और भविष्य में बड़ी जनहानि की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि मेहरूखुर्द, किशनपुरा, माधोपुरा सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से मेहरूकलां स्थित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययन के लिए आते-जाते हैं। शराबियों की भीड़ और अभद्र व्यवहार के कारण छात्राओं एवं महिलाओं में भय का वातावरण बना रहता है। कई अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है।
ग्रामीणों ने धार्मिक आस्था का भी हवाला देते हुए बताया कि मेहरूखुर्द स्थित भैरव धाम पर प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार, रविवार सहित अन्य दिनों में प्रदेश एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे धार्मिक स्थल के समीप कथित अवैध शराब बिक्री से क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है और श्रद्धालुओं में भी असंतोष है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस अवैध शराब ब्रांच के कारण युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है, जिससे कई परिवार आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक संकट का सामना कर रहे हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब की वजह से घरेलू कलह और पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं तथा सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है।
ग्रामीणों ने हाल ही में इसी अवैध शराब ब्रांच पर दो गुटों के बीच हुई मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि मेहरूखुर्द में संचालित कथित अवैध शराब ब्रांच की तत्काल जांच कर उसे स्थायी रूप से बंद कराया जाए, अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों एवं उनके संरक्षकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, क्षेत्र में पुलिस एवं आबकारी विभाग की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, विद्यार्थियों एवं महिलाओं की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएं, भैरव धाम एवं आसपास के क्षेत्र को नशामुक्त क्षेत्र घोषित करने पर विचार किया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
इस दौरान देवीलाल, संतरा, प्रेम, सीता मीणा, बदाम, सुनीता, ललिता, गलकु, आशा, विमला, नंदू, पुष्पा देवी, सुशीला, सीमा, माया, लाली देवी, काली, अंजू सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
