आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिया सकारात्मक आश्वासन

निदेशक एवं वित्तीय सलाहकार ने दो दिवस में मांगों के समाधान का दिया भरोसा

बी एम राठौर
न्यूज
सांगोद 10 अगस्त। स्मार्ट हलचल|राजस्थान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं अन्य महिला कर्मियों की विभिन्न लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग में निदेशक एवं वित्तीय सलाहकार से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि, न्यूनतम मानदेय ₹26,000 प्रतिमाह किए जाने, मानदेय में नियमित वार्षिक वृद्धि, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ तथा लंबित वित्तीय भुगतान सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया।
महासंघ ने पूर्व राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा के बावजूद बाद में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए मानदेय में समुचित वृद्धि की मांग की।
ज्ञापन में न्यूनतम ₹26,000 प्रतिमाह मानदेय लागू करने, ₹1,0000मासिक पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने तथा सेवानिवृत्ति पर ₹5 लाख की एकमुश्त राशि देने की मांग की गई। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने की मांग भी रखी गई।
महासंघ ने सितंबर 2018 से केंद्र सरकार द्वारा मानदेय में वृद्धि किए जाने के बाद राज्य स्तर पर लंबित वृद्धि, विभिन्न मदों की लंबित प्रोत्साहन राशि, एरियर एवं अन्य बकाया भुगतान का तत्काल निस्तारण करने की मांग की।
ज्ञापन में वर्ष 2002 एवं 2007 में भर्ती आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर सुपरवाइजर भर्ती में पदोन्नति का अवसर, पूर्व में घोषित पेंशन/सेवानिवृत्ति लाभ को लागू करने तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के दिनांक 10 जुलाई 2026 के निर्णय के अनुरूप ग्रेच्युटी, पेंशन, पीएफ आदि से संबंधित आवश्यक आदेश जारी करने की मांग भी शामिल रही।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कर्मियों से कराए जा रहे विभिन्न ऑनलाइन एवं गैर-मूल कार्यों, विभागीय योजनाओं से संबंधित लंबित प्रोत्साहन राशि, पोषण सामग्री एवं न्यूट्री किट के समय पर वितरण, विभिन्न परियोजनाओं के लंबित बजट, सीडीपीओ कार्यालयों से संबंधित वित्तीय समस्याओं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के किराये की राशि बढ़ाकर कम से कम ₹1,000 प्रतिमाह शहरी में 4000किए जाने की मांग रखी गई।
महासंघ ने यह भी मांग की कि जिन आंगनबाड़ी कर्मियों से विभागीय योजनाओं के अंतर्गत अतिरिक्त कार्य करवाया जाता है, उन्हें उसकी प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा वर्ष 2025-26 एवं पूर्व वर्षों की लंबित प्रोत्साहन एवं अन्य देय राशियों का भुगतान किया जाए।
दो दिवस में समाधान का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई सभी मांगों एवं समस्याओं पर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक एवं वित्तीय सलाहकार ने गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक रुख अपनाया। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत मांगों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए दो दिवस के भीतर मांगों के समाधान की दिशा में निर्णय लिया जाएगा।
महासंघ ने विभागीय अधिकारियों के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी प्रदेश की महिला एवं बाल विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार एवं विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
महासंघ ने उम्मीद जताई कि विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप दो दिवस में सकारात्मक आदेश जारी होंगे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को लंबे समय से लंबित समस्याओं से राहत मिलेगी।
राजस्थान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी महासंघ
जयपुर