ऐतिहासिक केरावलिया नाड़ी को बचाने सड़कों पर उतरे शहरवासी, गंदे पानी की निकासी रोकने की उठी मांग

एजाज़ अहमद उस्मानी

मेड़ता रोड/नागौर|स्मार्ट हलचल।डेगाना शहर की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर मानी जाने वाली केरावलिया नाड़ी को प्रदूषण से बचाने की मांग को लेकर सोमवार को शहरवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। युवा नेता मंशी राम खिलेरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी मोहन चौधरी को ज्ञापन सौंपा तथा नगरपालिका द्वारा नाड़ी में छोड़े जा रहे गंदे पानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस दौरान उपखंड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया गया।
शहरवासियों ने ज्ञापन में बताया कि केरावलिया नाड़ी वर्षों से क्षेत्र के पशु-पक्षियों, ग्रामीणों और आमजन के लिए प्रमुख जल स्रोत रही है। लेकिन लंबे समय से नगरपालिका द्वारा शहर का गंदा पानी नाड़ी में छोड़ा जा रहा है, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं और नाड़ी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि जल संरक्षण योजनाओं के नाम पर गंदे पानी की निकासी की जा रही है, जिससे क्षेत्र में बदबू, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी 1 अगस्त 2023 और 20 मई 2024 को प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इससे शहरवासियों में प्रशासन और नगरपालिका के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि केरावलिया नाड़ी की शीघ्र साफ-सफाई करवाई जाए, गंदे पानी की निकासी पूरी तरह बंद की जाए तथा नाड़ी में पानी छोड़ने के लिए खोदे गए नाले को वापस मिट्टी डालकर बंद किया जाए। इसके साथ ही स्वच्छ पानी की व्यवस्था, आसपास फैली गंदगी हटाने और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की भी मांग उठाई गई।
शहरवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो उपखंड कार्यालय के बाहर उनका शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि ऐतिहासिक जल स्रोतों को बचाना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है तथा केरावलिया नाड़ी को प्रदूषण मुक्त करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।