तिरुवनंतपुरम। स्मार्ट हलचल|केरल के राज्यपाल Rajendra Arlekar ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में अखिल भारतीय विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास परिषद की राज्य स्तरीय बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देशभर से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के समग्र विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का आयोजन परिषद की केरल इकाई द्वारा किया गया, जिसमें समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विमुक्त और घुमंतू जनजातियां लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से उपेक्षित रही हैं। इनके उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि इन समुदायों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने जनजातियों की पहचान, शिक्षा में पिछड़ापन, रोजगार के सीमित अवसर और सामाजिक भेदभाव जैसी समस्याओं पर चिंता जताई। साथ ही इन चुनौतियों से निपटने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार योजनाओं और जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि परिषद आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में इस प्रकार की बैठकों का आयोजन कर सरकार तक समुदाय की समस्याओं और सुझावों को प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी।
बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
