:- रविवार को कोटड़ी पहुंची पदयात्रा, धर्मध्वजा फहराकर लिया आशीर्वाद, जयकारों से गूंजा कस्बा
राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी।स्मार्ट हलचल|देवली से कोटड़ी श्याम मंदिर तक निकाली जाने वाली 90 किलोमीटर लंबी पदयात्रा रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ कोटड़ी पहुंची। पदयात्रा का यह लगातार 27वां आयोजन रहा। पदयात्रियों के कोटड़ी पहुंचने पर कस्बे में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। पदयात्रियों के स्वागत और भगवान श्याम के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय नजर आया।पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिला-पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्मध्वजा लेकर भजन-कीर्तन करते नाचते गाते कोटड़ी के मुख्य मार्ग से होते हुए प्रभु के दर की ओर बढ़े। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु भाव विभोर हो भक्ति गीतों पर नृत्य करने का आनन्द ले रहे थे। कई स्थानों पर ग्रामीणों एवं भक्तों ने पदयात्रियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जलपान, चाय-नाश्ते और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।
भजनों पर झूमते हुए किया नगर में प्रवेश
90 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ। जैसे ही पदयात्रा कोटड़ी की सीमा में पहुंची, श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य करते हुए नगर में प्रवेश किया। हाथों में लहराती धर्मध्वजाएं और कोटड़ी श्याम बाबा के जयकारों ने माहौल को धार्मिक रंग में रंग दिया। रास्ते में मौजूद लोगों ने भी पदयात्रियों का उत्साह बढ़ाया।
श्याम मंदिर में फहराई धर्मध्वजा
पदयात्रियों के कोटड़ी पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु श्याम मंदिर पहुंचे। यहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान कोटड़ी श्याम के दर्शन कर सुख-समृद्धि, खुशहाली और क्षेत्र में शांति की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में धर्मध्वजा फहराई गई। धर्मध्वजा फहराते ही श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
27 वर्षों से जारी है पदयात्रा की परंपरा
आयोजक रामेश्वर लाल, राजेन्द्र, रामू दिया ने बताया कि देवली से कोटड़ी श्याम दरबार तक पदयात्रा की यह धार्मिक परंपरा पिछले 27 वर्षों से लगातार जारी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर भगवान श्याम के दरबार में पहुंचते हैं। पदयात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और संकल्प का प्रतीक बन चुकी है। कई श्रद्धालु हर वर्ष इस यात्रा में शामिल होते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान श्याम के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान जिस मार्ग से यात्रा गुजरती है श्रद्धालुओ का जत्था बढ़ता जाता है। यात्रा में रामप्रसाद टांक, दुर्गेश शर्मा, अशोक शर्मा, गोपाल सिंह कानावत ने भी पदयात्रा के साथ मन्दिर पहुचे।
भक्तिमय रहा पूरा वातावरण
बीरधोल मार्ग स्थित कृषि मण्डी पर यात्रा की बेंड व ढोल के साथ श्री चारभुजानाथ मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया, सचिव श्याम सुन्दर चेचाणी, कोषाध्यक्ष चम्पा लाल तेली के साथ मुरलीधर काबरा, निर्मल लोढ़ा, सत्यनारायण काबरा, ओम पालीवाल, राजेन्द्र काबरा, ओम टेलर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुच कर अगुवानी की गई। कोटड़ी
पदयात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालु “श्याम बाबा की जय”, “कोटड़ी श्याम की जय” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के कोटड़ी पहुंचने पर कस्बे में भी दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। जगह-जगह लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत किया।पदयात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान कोटड़ी श्याम के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले ग्रामीणों, श्रद्धालुओं, सेवा समितियों और स्थानीय लोगों का आभार जताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान श्याम की भक्ति और आस्था के कारण इतनी लंबी पदयात्रा पूरी करने में उन्हें आत्मिक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने आगामी वर्ष भी पदयात्रा की परंपरा को जारी रखने का संकल्प लिया।
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