भीलवाड़ा/राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को लेकर राजस्थान पत्रकार परिषद द्वारा गुरुवार को मुरलीधर मानसिंहका कन्या विद्यालय में छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ ने कहा की निज पर शासन और फिर अनुशासन मसलन की पहले हम जागरूक होंगे तो दुसरो को जागरूक कर पाएंगे। इसके लिए पहले यातायात नियमों की जानकारी होनी चाहिए तभी हम उनकी पालना कर सकते हैं। राठौड़ ने बतौर अतिथि कहा कि देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं गंभीर विषय हैं। यातायात नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार और लापरवाही हर दिन हजारों जिंदगियां लील रही है। सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने से दुर्घटना से बचा जा सकता है, साथ ही जेब्रा क्रासिंग से ही सड़क पार करें। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट व चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का हमेशा प्रयोग करें। नियमो का पालन ना करने व जानकारी के अभाव में सड़क दुर्घटनाएं होती है। इसके साथ ही राठौड़ ने छात्राओं से शपथ लेने को कहा की आज से ही शपथ लें की बिना हेलमेट वाहन नहीं चलाएंगे और नियमों की पालना सुनिश्चित करेंगे। जबकि यातायात विभाग के घेवरचंद जीनगर ने छात्राओं को यातायात नियमों की पालना व चालान से बचने के लिए कई छोटे छोटे टिप्स दिए और कहा की गाडी पर चलते समय हेलमेट जरूर लगाएं व मोबाइल पर बतियाना आवश्यक हो तो गाड़ी को साईड में लगाकर फिर बात करें और बालिग होने के बाद ही वाहन चलाएं। परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश जीनगर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की जान है तो जहान है, सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसको ध्यान में रखते पुरी सावधानी के साथ वाहन चलाएं और अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचे। क्योंकि जल्दबाजी में वाहन चलाना सीधे सीधे दुर्घटना को न्योता देना है। जिसमें हम चौटिल हो सकते हैं या गंभीर घायल हो सकते हैं। इससे हमें आर्थिक नुकसान के साथ शारीरिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। छोटी छोटी सावधानियां सुरक्षित सफर के संकेत हैं, जिन्हें जरूर अपनाएं। कार्यक्रम को सुनीता शर्मा ने भी संबोधित किया और छात्राओं से यातायात नियमों की हर हाल में पालना अपील की। छोटी-छोटी सावधानियां अपना कर सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और कई बहुमूल्य जानें बचाई जा सकती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला प्रधान सुषमा विश्नोई ने की। संचालन नारायण गाडरी ने किया। सैकड़ों छात्राओं सहित कार्यक्रम में उपाचार्य रानी तंबोली भी मौजूद थीं।


